उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान में शनिवार को 12,000 लीटर लिक्विड क्षमता वाला नया सेंट्रल आक्सीजन प्लांट चालू हो गया। इसका उद्घाटन निदेशक डा. (ब्रिगेडियर) टी प्रभाकर ने किया।
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते काफी वक्त से सेंट्रल ऑक्सीजन प्लांट की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस प्लांट से विभिन्न वार्डों में ऑक्सीजन की कमी को पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा पहले से चल रहे आक्सीजन प्लांट से भी आक्सीजन बनाई जाती रहेगी।
इसका उपयोग इटावा, मैनपुरी, औरैया आदि जिलों के अस्पतालों में आक्सीजन उपलब्ध कराने में होगा। नए सेंट्रल ऑक्सीजन प्लांट के बनने से आईसीयू, एनआईसीयू, सर्जिकल आईसीयू, पिडियाट्रिक आईसीयू तथा आपरेशन थियेटर में लगातार ऑक्सीजन की आपूर्ति होती रहेगी।
इसके अलावा गंभीर रोगियों के इलाज और सांस की बीमारी से पीड़ितों के लिए ऑक्सीजन चौबीस घंटेे उपलब्ध रहेगी।चिकित्सा अधीक्षक डा. (ब्रिगेडियर) एसके गुप्ता ने बताया कि नए आक्सीजन प्लांट के बनने से संस्थान में अब दो आक्सीजन प्लांट हो गए हैं। संस्थान के पूर्व प्लांट से भी आक्सीजन बनाना पहले की तरह जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश एक प्लांट आक्सीजन आपूर्ति नहीं कर पाता है तो दूसरे आक्सीजन प्लांट से संस्थान के विभिन्न वार्डों में आक्सीजन की कमी को पूरा किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रोफेसर केएम शुक्ला, डा. ऊषा शुक्ला, डा. एमएम आर्या, डा. रमाकान्त यादव, डा. आईके शर्मा, राजीव दीक्षित, बलवीर सिंह, अनुराग चौहान, पी विजया डोगरा, लवली जेम्स, कृष्ण पाल सिंह आदि उपस्थित रहे।