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चिकित्सा विवि में नहीं मिलती जांच की रिपोर्ट

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सैफई (इटावा)। सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में तीन वर्ष से रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली है। प्रतिदिन करीब 295 सीटी स्केन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे होते हैं। रेडियोलॉजिस्ट न होने से किसी भी मरीज को जांच की रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। इससे उनके सही इलाज नहीं मिलता है। इससे ज्यादातर मरीजों को निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। सिटी स्केन मशीन भी चार दिन से खराब पड़ी है।
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सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेडियोलॉजी विभाग में तीन साल से विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। मरीजों को एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। जांच के बाद मरीजों को फिल्म ही मिल पाती है। जांच रिपोर्ट न होने से मरीजों को निजी अस्पताल जाना पड़ता है। वहां डॉक्टर उनसे दोबारा जांच कराते हैं। इससे मरीजों को अधिक पैसा देना पड़ता है साथ ही उनका समय भी बर्बाद होता है। देरी होने पर कई बार मर्ज गंभीर हो जाता है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे होने की वजह से आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। ज्यादातर घायलों का अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, एमआरआई और सीटी स्कैन जरूरी होता है लेकिन रिपोर्ट न मिलने से उन्हें सही इलाज नहीं मिल पाता है। आपराधिक मामलों में पुलिस को भी जांच की रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। इससे पुलिस को जांच में भी दिक्कत आती है। (संवाद)
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दस साल पुरानी हैं मशीनें
चिकित्सा विश्वविद्यालय की सीटी स्केन और एमआरआई मशीनें 10 वर्ष से अधिक पुरानी हैं। मशीनें पुरानी होने की वजह से ठीक से काम नहीं कर रही हैं। जांच के लिए आए मरीजों को घंटे तक लिटाए रखा जाता है।
ट्रामा सेंटर में रोज भर्ती होते 300 मरीज
चिकित्सा विश्वविद्यालय में अन्य मरीजों के अलावा ट्रामा सेंटर में प्रतिदिन औसतन 300 मरीज भर्ती होते हैं। विश्वविद्यालय में प्रतिदिन करीब 50 सीटी स्केन, 20 एमआरआई, 200 एक्सरे और 25 अल्ट्रासाउंड होते हैं। यानी लगभग 295 जांचें प्रतिदिन होती हैं। जांच की रिपोर्ट न मिलने से ये मरीज परेशान होते हैं।
विश्वविद्यालय और बाहर का शुल्क
जांच विवि में शुल्क प्राइवेट में शुल्क
सीटी स्केन 1000 3000
एमआरआई 3500 7000
अल्ट्रासाउंड 100 400
एक्सरे 100 250
प्राइवेट में देने पड़े अधिक रुपये
मैनपुरी जिले के गांव नानमई निवासी रामसरन ने बताया क पत्नी को इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में लेकर आए हैं। सीटी स्केन मशीन खराब है। जिसकी वजह से प्राइवेट में जांच करवानी पड़ी, वहां खर्च अधिक आया।
3500 में हुई सीटी स्केन
औरैया जिले के गांव मोहरी निवासी श्रीकृष्ण ने बताया कि भाई शिवमंगल सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उन्हें चार दिन यहां पहले भर्ती किया था। सीटी स्केन की जरूरत पड़ रही है। मशीन खराब होने से बाहर 3500 रुपये में सीटी स्केन कराना पड़ा।
शासन को कई बार पत्र लिखे गए हैं। एमआरआई तथा सीटी स्केन की नई मशीन खरीदने की स्वीकृति भी मांगी गई है। रेडियोलोजी विभाग में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। 10 मार्च बाद भर्ती निकाली जाएगी।
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सुरेश चंद्र शर्मा, कुलसचिव, चिकित्सा विवि
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