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Etawah News: लगातार बढ़ रहे ओरल व ब्रेस्ट कैंसर के मरीज

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इटावा। जिले में ओरल (मुंह) कैंसर और ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। साल 2024 में कैंसर के 26 मरीज सामने आए थे जो साल 2025 में बढ़कर 35 हो गए। यह आंकड़ें जिला स्तरीय अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर होने वाली जांचों से सामने आए हैं।
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जिले में गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के सभी जिला स्तरीय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अभियान चलाया जा रहा है। गैर-संचारी रोग अभियान के तहत नियमित स्क्रीनिंग के कारण यह वृद्धि पकड़ में आई है। इस अभियान में 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर समेत अन्य एनसीडी की जांच होती है। जिला अस्पताल के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल कुलकर्णी ने बताया कि ओरल कैंसर की मुख्य वजह गुटखा, पान मसाला और तंबाकू का सेवन है। इसके अलावा ब्रश न करने जैसी खराब ओरल हाइजीन भी समस्या बढ़ा रही है।
यह आदतें मुंह में घाव, सफेद धब्बे या नॉन-हीलिंग अल्सर पैदा करती हैं, जो कैंसर में बदल सकते हैं। जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में बदलती जीवनशैली, मोटापा, देर से बच्चे पैदा करना, हार्मोनल असंतुलन और आनुवंशिक कारक जिम्मेदार हैं। महिलाओं में यह सबसे आम कैंसर बन चुका है। शुरुआती लक्षणों में स्तन में गांठ, आकार में बदलाव और त्वचा पर परिवर्तन शामिल हैं।
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गांठ, त्वचा में बदलाव पर ध्यान देकर जोखिम को कम किया जा सकता है। इसी तरह मुख के कैंसर से बचाव के लिए गुटखा, पान मसाला, तंबाकू के अलावा शराब का सेवन बिल्कुल न करें। साथ ही सुबह उठने पर ब्रश जरूर करना चाहिए।

साल ओरल कैंसर ब्रेस्ट कैंसर
2024 13 22
2025 11 15

गैर संचारी रोग अभियान के तहत जिला अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ब्रेस्ट और ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग हो रही है। इसमें पहचान में आने वाले मरीजों का तत्काल उपचार किया जाता है। समय से इलाज होने पर बीमारी में रोकथाम हो सकती है।
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-डॉ. एससी हेमबरन, एसीएमओ।
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