फोटो: 20 गंदगी और झाड़ियों से घिरा ऐतिहासिक लखेरा कुआं। स्रोत संवाद
प्राचीन निर्माण शैली को दर्शाता है लाखा बंजारे का बनवाया गया कुंआ
संवाद न्यूज एजेंसी
जसवंतनगर। यमुना पारपट्टी क्षेत्र के आगरा जिले से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित ऐतिहासिक लखेरा कुआं जर्जर हो गया है। लाखा बंजारे द्वारा निर्मित यह प्राचीन धरोहर साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में अपना अस्तित्व खो रही है। करीब एक दशक पहले तक राहगीर यहां पानी पीते थे, पर अब यह स्थान बदहाली का शिकार है।
कुएं के अंदर तक जाने के लिए पक्की सीढ़ियां बनी हैं, जो इसकी प्राचीन निर्माण शैली दर्शाती हैं। कभी यह राहगीरों को पानी और बरगद का पेड़ छाया देता था। समय के साथ देखरेख के अभाव में कुआं और आसपास का क्षेत्र उपेक्षित हो गया। लखेरा कुआं केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि क्षेत्र की पहचान भी है। आसपास का इलाका और पुलिस चौकी भी इसी नाम से जाने जाते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों का ध्यान इसके संरक्षण और जीर्णोद्धार पर नहीं है।
कुएं की सफाई और अतिक्रमण हटाने की मांग
कुएं के आसपास गंदगी और झाड़ियों का ढेर लगा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, झाड़ियों से सांप और बिच्छू निकलते रहते हैं, जिससे मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। इससे आसपास के लोगों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। मुकेश, आलोक, राधेश्याम, मनीष, शिवम, बलवीर, राहुल, तरुण और प्रशांत जैसे स्थानीय लोगों ने कुएं की सफाई और अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उनका मानना है कि इससे कुएं को दोबारा आकर्षण का केंद्र बनाया जा सकता है।