आगरा-इटावा, मैनपुरी पैसेंजर ट्रेन के ऊपर से काला साया दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को ट्रेन पर एक बार फिर से संकट आ गया, जब ट्रेन करहल स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन यहां रुकने के बाद आगे नहीं जा सकी। कारण ट्रेेन का इंजन फेल हो गया। जिसके चलते ट्रेन में सवार यात्रियों को भारी दिक्कत का समाना करना पड़ा। दूसरे दिन भी ट्रेन के वापस न आने से यह ट्रेन अप व डाउन में रद्द रही।
बुधवार को आगरा-इटावा मैनपुरी पैसेंजर रात साढ़े नौ बजे आगरा से इटावा स्टेशन पहुंची और यहां से 9 बजकर 35 मिनट पर मैनपुरी के लिए रवाना हुई। ट्रेन आधे घंटे बाद करहल स्टेशन पहुंची और जब ड्राइवर ने ट्रेन को आगे बढ़ाया तो इंजन फेल हो गया। इसकी जानकारी तुरंत ड्राइवर ने इटावा व मैनपुरी स्टेशन को दी। मौके पर टीम पहुंची और इंजन को ठीक करने के प्रयास किए, लेकिन इंजन ठीक नहीं हो सका।
दूसरा इंजन न होने के कारण ट्रेन को करहल स्टेशन पर ही आगे की यात्रा के लिए रद्द कर दिया गया। ऐसे में मैनपुरी तक की यात्रा के लिए ट्रेन में सवार यात्रियों के सामने समस्या खड़ी हो गई कि रात के समय में वह आगे का सफर कैसे पूरा करें। दूसरे दिन दोपहर तक किसी इंजन के करहल स्टेशन पर न पहुंचने से यह पैसेंजर ट्रेन वहीं पर खड़ी रही। जिसके चलते गुरुवार को मैनपुरी से इटावा-आगरा के लिए जाने वाली पैसेंजर रद्द रही। वहीं डाउन में भी यह ट्रेन दूसरा रैक न होने के कारण रद्द रही।
गुरुवार शाम टूण्डला से रिलीफ ट्रेन मैनपुरी ट्रैक पर भेजी गई और इसके बाद खराब इंजन के साथ मैनपुरी पैसेंजर को खींचकर टूण्डला ले जाया गया। मालूम हो कि अभी मैनपुरी ट्रेेन को चले हुए मुश्किल से 20 दिन का समय ही बीता है और इस बीच ट्रेन न सिर्फ कई बार रद्द हो चुकी है बल्कि अन्य दिनों में भी अपने समय से नहीं चली है। ऐसे में ट्रेन में यात्रा करने के लिए स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों का अब इस ट्रेन से भरोसा ही उठता जा रहा है।