फोटो 33::::कचहरी में अधिवक्ताओं को संबोधित करते बार अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी। स्रोत: स्वयं
इटावा। लखनऊ बार में पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ वकीलों में आक्रोश है। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने मंगलवार को सामूहिक अवकाश रखा। सभी वकील जुलूस की शक्ल में जिला सत्र न्यायाधीश के पास पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। वकीलों ने लखनऊ में चैंबर तोड़े जाने और लाठीचार्ज को असंवैधानिक बताते हुए नारेबाजी की।
ज्ञापन में पुलिस प्रशासन की ओर से लखनऊ में किए गए निंदनीय कार्य का विरोध जताया गया। अधिवक्ताओं ने चैंबर तोड़ने और लाठीचार्ज को असंवैधानिक बताया। सभी न्यायालयों को भी सामूहिक अवकाश की सूचना दे दी गई। डीबीए अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी, महामंत्री नितिन तिवारी समेत सभी वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। उधर, कचहरी परिसर के बरामदा नंबर 26 में अधिवक्ताओं ने बैठक की। इसमें भी आक्रोश व्यक्त किया गया। यहां पर अधिवक्ता आदित्य मोहन शर्मा, सुबोध राजपूत, कमल माथुर, श्याम सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को काम नहीं करेंगे अधिवक्ता
भरथना। लखनऊ कोर्ट के अधिवक्ताओं पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में बार एसोसिएशन तहसील के पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं की मंगलवार को बैठक हुई। बैठक में अधिवक्ताओं ने लखनऊ में हुए लाठीचार्ज की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अधिवक्ता समाज के सम्मान पर आघात बताया। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस का लाठीचार्ज अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 20 मई बुधवार को बार एसोसिएशन भरथना के पदाधिकारी एवं अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र होकर एसडीएम को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही विरोध स्वरूप अधिवक्ता बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहकर पूरे दिन अवकाश पर रहेंगे। बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन अध्यक्ष हरिशचंद्र पाण्डेय ने की।