ब्रजेश सक्सेना
इटावा। रेलवे ने देश में सेमी हाईस्पीड ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है। इसके लिए 1500 किलोमीटर लंबे दिल्ली-हावड़ा ट्रैक को चुना गया है। जिस पर 160 से 200 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेनें दौडे़ंगी। दिल्ली से कलकत्ता तक का सफर मात्र 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस ट्रैक के लिए 700 करोड़ की धनराशि का प्रावधान रेलवे ने बजट में किया है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू करने की तैयारी है।
राष्ट्रीय रेलवे सलाहकार बोर्ड के पूर्व सदस्य शेख मोहम्मद (पुखरायां) ने बताया कि रेलवे की ये योजना नई रेल क्रांति होगी। हाल ही में वित्तमंत्री द्वारा प्रस्तुत रेल बजट में इस सेमी हाईस्पीड ट्रैक निर्माण की योजना के लिए 700 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ट्रैक पर कार्य शुरू होने के साथ ही इसी धनराशि से किस्तों में योजना के लिए पैसा अवमुक्त किया जाएगा।
योजना के तहत दिल्ली से लेकर कलकत्ता तक ट्रैक पर जहां जरूरत होगी, वहां पटरियों को बदलने का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे ट्रैक को बैरीकेडिंग से सुरक्षित किया जाएगा ताकि कोई जानवर, वाहन आदि ट्रैक पर नहीं पहुंच सके। आउटर क्षेत्र में कटीले तारों की बाड़ लगाई जाएगी, वहीं शहरी क्षेत्रों में जरूरत पर आरसीसी की दीवारें भी बनाई जाएंगी। जिससे 200 की रफ्तार में दौड़ने वाली ट्रेनों के बीच बाधा न आए।
2020 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य
इटावा। रेलवे ने सेमी हाईस्पीड ट्रैक का कार्य पूरा करने के लिए लक्ष्य भी तय कर लिया है। दिल्ली- हावड़ा रेल लाइन को वर्ष 2020 तक सेमी हाईस्पीड ट्रैक में तब्दील किया जाना है। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य कई स्थानों पर पुराने ट्रैक को बदलना है। इसके साथ ही पूरे ट्रैक पर सिगभनल प्रणाली को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा। नहरों और नदियों पर बने पुलों का भी परीक्षण किया जाएगा।
नहीं रहेगी एक भी क्रासिंग, बनेंगे ओवरब्रिज व अंडर पास
इटावा। सेमी हाईस्पीड ट्रैक बनाने के लिए दिल्ली से कलकत्ता तक लगभग 15 सौ किलोमीटर की दूरी के बीच कोई भी रेलवे क्रासिंग नहीं होगी। ट्रैक पर जितनी भी रेलवे क्रासिंग हैं उनको बंद कर या तो ओवरब्रिज, अंडर ब्रिज-अंडरपास का निर्माण किया जाएगा।
ढाई घंटे में पूरा होगा इटावा से दिल्ली तक का सफर
इटावा। देश में अभी तक सबसे ज्यादा तेज स्पीड की ट्रेन राजधानी व शताब्दी हैं। हालांकि ट्रैक पर कई क्रासिंग होने के कारण ये ट्रेनें रूट पर 100 किलोमीटर की रफ्तार से ही चल पाती हैं। सेमी हाईस्पीड ट्रेन ये सफर मात्र ढाई घंटे में ही पूरा कर लेगी।