(फोटो संख्या 20) बारिश से धंसकी ढकरा पुलिया। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चकरनगर। उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश को जोड़ने वाली चंबल नदी पुल से करीब 200 मीटर दूर स्थित लखना- सिंडौस मार्ग पर स्थित ढकरा पुलिया के बारिश में धंसकने से चंबल पार क्षेत्र के लोगों की धड़कनें बढ़ने लगी है।
बारिश में पुलिया टूटने से करीब दो लाख लोगों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट जाएगा। बल्कि इससे मध्य प्रदेश के भिंड जनपद के लोगों का संपर्क भी कट जाएगा और वह इटावा, कानपुर नहीं जा सकेंगे। लेकिन संबंधित विभाग है कि बारिश का दौर शुरू होने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ढकरा गांव के नजदीक होने से इसे ढकरा पुलिया कहा जाता है।
जानकारी के अनुसार करीब तीन दशक पूर्व पांटून पुल होने पर लोक निर्माण विभाग ने पुलिया का निर्माण करवाया था। इसके बाद संबंधित विभाग ने पुलिया की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अब हालात यह हो गए हैं कि पुलिया बारिश में धंस गई है, जबकि अभी झमाझम बारिश का दौर शुरू नहीं हुआ है। सावन, भादो और क्वार की बारिश में क्या हालात होंगे यह चिंता लोगों को अभी से सता रही है।
हल्की बरसात में मिट्टी से बनाई गई पुलिया धंसकने लगती है। बाढ़ के दौरान पुलिया दो भागों में टूट कर बह जाती है। पुलिया के टूटते ही चंबल क्षेत्र के लोगों के अलावा समस्याओं के अलावा व्यापार काफी प्रभावित होता है।
पुलिया टूटने से यह गांव होते हैं प्रभावित
ढकरा पुलिया के पार सिंडौस, विंडवा, पिपरौली गढि़या, अनेठा, गोपियापुर, बिठौली, बसंरी, राउनी, अजीत की गढि़या, हनुमंतपुरा, सोने का पुरा, सिरसा, प्रेम का पुरा, नदा, बिढ़ोरी, पहलन, कुर्छा का पुरा, कुर्छा समेत 50 से अधिक गांव शामिल हैं। जिनकी आबादी करीब दो लाख है। पुलिया के दूसरी ओर स्वास्थ्य केंद्र, परिषदीय स्कूल, इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज व पचनद हैं।
मध्य प्रदेश के लोग भी ढकरा पुलिया आते-जाते
गांव चकरनगर के राम लखन यादव, हनुमंतपुरा के राज कुमार दुबे, सहसों के अश्वनी कुमार का कहना है कि ढकरा पुलिया टूटने से मध्य प्रदेश के बॉर्डर के किनारे के गांव पसिया, चंद्र हंसपुरा, सोने का पुरा, चूरे का पुरा, मधुपुरा, विंडवा आदि हैं। इन सभी का जिला मुख्यालय से संपर्क कट जाता है। मध्य प्रदेश के भिंड जनपद के लोग भी इटावा, कानपुर जाने के लिए तीन अलग- अलग रास्तों के अलावा कई छोटे- छोटे रास्तों का प्रयोग करते हैं, लेकिन आना उन्हें ढकरा पुलिया ही होता है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार हर साल बाढ़ में पुलिया टूट कर बह जाती है। इस पुलिया के टूटने की वजह से मुख्यमंत्री का कार्यक्रम वर्ष 2021 व 2022 में दो बार स्थिगित हो चुका है। बावजूद पुलिया के निर्माण पर शासन-प्रशासन के साथ-साथ नेता भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। आवागमन के लिए पुलिया पर मिट्टी की बोरिया लगाकर खानापूर्ति कर दी जाती है। हल्की बरसात में ही पुलिया धंसकने लगी है।
वर्जन
मुख्यमंत्री के समक्ष पुलिया निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। पुलिया का निर्माण जल्द से जल्द हो इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
राघवेंद्र गौतम, भरथना विधायक।
वर्जन
करीब दो महीने पूर्व शासन से सात करोड़ रुपये मंजूर हुआ है। जल्द ही इस पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
गगन पाल, अवर अभियंता।