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(फोटो संख्या 26) डाकघर अधीक्षक कार्यालय परिसर में बना पासपोर्ट कार्यालय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जल्द ही जिले के लोगों को अब पासपोर्ट बनवाने के लिए कानपुर तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। तीन साल से तैयार पासपोर्ट कार्यालय में जल्द ही कर्मचारियों की तैनाती मिलने के साथ सभी तरह के उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। 15 अगस्त तक इस कार्यालय का शुभारंभ कराने की तैयारी है।
देश से बाहर जाने के लिए जरूरी दस्तावेज होने के साथ ही एक बड़ा पहचान पत्र होने की वजह से अब बड़ी संख्या में जनपद के लोग पासपोर्ट बनवा रहे हैं। इसका आवेदन ऑनलाइन भले ही हो जाता हो, लेकिन लोगों को सत्यापन कराने के लिए कानपुर तक दौड़ लगानी पड़ रही है। इसमें समय के साथ ही लोगों का अतिरिक्त खर्चा भी होता है।
जिले के लोगों की परेशानी को देखते हुए सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया की पहल पर तीन साल पहले पासपोर्ट कार्यालय बनने की अनुमति मिल गई। इसके लिए शहर में जगह तलाश की गई। कोई बेहतर स्थान न मिलने पर उस समय के तत्कालीन डाक अधीक्षक ने अपनी स्वेच्छा से आवास को कार्यालय बनाने का प्रस्ताव दिया है।
सहमति मिलने के बाद वह मुख्य डाकघर परिसर में बने आवास को छोड़कर किराये के मकान पर रहने लगे। लगभग एक साल तक डेटिंग-पेटिंग कराकर भवन को कार्यालय का रूप दिया गया। लगभग दो साल से यह कार्यालय तो तैयार हो गया, लेकिन कर्मचारियों की तैनाती और मशीनें न मिलने की वजह से काम अधर में लटका था, लेकिन अब जल्द ही इसका शुभारंभ होगा। 15 अगस्त तक मशीनें और स्टाफ की आपूर्ति कराकर कार्यालय को शुरू कराने की तैयारी है।
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(फोटो संख्या 29) सांसद प्रो.रामशंकर कठेरिया। संवाद
इटावा के अलावा आसपास के जनपदों को भी मिलेगा लाभ : सांसद
सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया ने बताया कि सिर्फ स्टाफ और मशीनों की कमी रह गई है। उसके लिए भी मंत्रालय में बात की गई है। जल्द कर्मचारियों की तैनाती और मशीनें मिल जाएंगी। उम्मीद है कि 15 अगस्त तक कार्यालय का शुभारंभ करा लिया जाएगा। इस कार्यालय के शुरू होने से इटावा के साथ ही मैनपुरी, औरैया के लोगों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।
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26 मई को पत्र भेजकर दी जा चुकी है सभी तैयारियों की जानकारी
डाक अधीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि 26 मई को आगरा कार्यालय की ओर से पत्राचार किया गया था। इसमें पासपोर्ट कार्यालय की तैयारियों को लेकर अपडेट मांगा था। हमारी ओर से सभी तैयारियों होने की बात की जानकारी दे दी गई है। एक अधिकारी की तैनाती यदि कर दी जाए तो डाक विभाग के कर्मचारियों को लगाकर भी संचालन कराया जाएगा। मशीनों का इंतजार किया जा रहा है।
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लोग बोले-परेशानी होगी दूरी
(फोटो संख्या 27) रंगरेजन टोला की गीता अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने पासपोर्ट बनवाने के लिए करीब डेढ़ माह आवेदन किया हुआ है, लेकिन अभी तक पासपोर्ट नहीं बन सका है। अभी सत्यापन के लिए तिथि नहीं मिल सकी है। जिले में यदि कार्यालय शुरू हो जाएगा उससे बहुत लाभ मिलेगा।
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(फोटो संख्या 28) पचराहा निवासी श्याम जी ने बताया कि लगभग दो महीने पर पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था। अभी तक पासपोर्ट नहीं बन सका है। सत्यापन होने में समय लग रहा है। जिले में यदि कार्यालय शुरू हो जाएगा तो कानपुर तक की भागदौड़ बच जाएगा।