इटावा। शहर के मैनपुरी फाटक स्थित अंडरव्रिज के पास पड़ी केबिल में रविवार की सुबह अचानक फाल्ट आ गया जिससे शहर के ज्यादातर हिस्सों में अंधेरा छा गया। बिजली न आने से सुबह के समय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग पानी न आने से काफी परेशान रहे। सात बजे जब बिजली विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो उनमें हड़कंप मच गया। आनन फानन में फाल्ट को ढूंढा गया।
केबिल खराब होने से अधिकारियों ने एक कर्मचारी को कानपुर भेजकर केबिल की व्यवस्था की। दोपहर करीब तीन बजे के बाद बिजली व्यवस्था दुरुस्त हो सकी। करीब 11 घंटे तक सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव का सिविल लाइन, केबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव का चौगुर्जी, डीएम एवं एसएसपी के मोहल्लों में बिजली आपूर्ति ठप रही।
मैनपुरी फाटक के पास रविवार की सुबह करीब चार बजे वहां पड़ी 35 केवी की केबिल में अचानक फाल्ट आ गया। केबल में फाल्ट आने से शहर के वीवीआईपी क्षेत्रों के अलावा शहर के अधिकांश हिस्सों में बिजली गुल हो गई जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के अलावा चौगुर्जी स्थित प्रदेश के कद्दावर मंत्री शिवपाल सिंह का आवास डीएम व एसएसपी आवास के अलावा जिला अस्पताल भी शामिल रहे।
इसके अलावा शहर के मुुहल्ला साबितगंज नौरंगाबाद मेवाती टोला व गुरू तेग बहादुर बिजली सब स्टेशन से जुडे़ मुहल्लों की भी बिजली गुल हो गई। कर्मचारियों ने बिजली सप्लाई शुरू करने का प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हो सके। फाल्ट को ढूूंढने के लिए कर्मचारियों को काफी मशक्क्त करनी पड़ी। सुबह करीब सात बजे कर्मचारियों को फाल्ट मिला। फाल्ट होने की जानकारी होने पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
रविवार की छुट्टी होने के बावजूद अधिकारियों ने स्टोर खुलवाकर केबिल की तलाश की लेकिन केबिल उपलब्ध न होने के कारण अधिकारियों ने एक कर्मचारी को कानपुर भेजकर वहां से केबिल मंगवाई। इसके बाद कर्मचारियों को बुलाकर काम शुरू कराया गया । अधिशासी अभियंता आर के ग्रोवर व अवर अभियंता अजीत सिंह भी मौके पर पहुंच गए। दोनों अधिकारियों की देखरेख में काम शुरू कराया गया।
बिजली व्यवस्था ठप होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा । रविवार को छुट्टी पर भी लोगों को बिजली के साथ पानी के लिए भी तरसना पड़ा। इस कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित रही। पानी के लिए लोगों को हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। इसके अलावा अस्पताल में मरीजों को भी दिक्कतें उठानी पड़ी। दोपहर करी़ब तीन बजे कर्मचारी केबिल जोड़ सके। इसके बाद ही बिजली की सप्लाई शुरू हो सकी।