नोटबंदी के बाद पहली बार लाइनों में मामूली सुधार दिख रहा है। गुरुवार को बैंकों में अपेक्षाकृत कुछ कम भीड़ रही। स्टेट बैंक के तीन एटीएम शुरू होने से भी बैंकों पर भीड़ का बोझ कम होता दिखा। इटावा व औरैया जिले को मिलाकर सेंट्रल बैंक करेंसी चेस्ट से अब तक करीब 60 करोड़ रुपये का भुगतान बैंकों को दिए जा चुके हैं।
इसके अलावा स्टेट बैंक मुख्य शाखा से औसतन 30 से 40 लाख रुपये के नोट हर रोज बदले जा रहे हैं। जिले में दो दर्जन एसबीआई शाखाओं, करीब 300 विभिन्न प्रकार के डाकघरों व अन्य बैंकों को मिलाकर अब तक डेढ़ अरब रुपये के भुगतान किए जाने का अनुमान है। गुरुवार को लोगों की उंगलियों पर स्याही से निशान लगा कर नोट बदले गए।
एक बैंक अधिकारी के अनुसार जिले में स्टेट बैंक की इटावा के अलावा लखना, चकरनगर, भरथना व जसवंतनगर में भी करेंसी चेस्ट मौजूद है। लेकिन इन करेंसी चेस्ट पर उपलब्ध रकम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही। हालांकि इस संबंध में एसबीआई के चीफ मैनेजर एके गुप्ता ने उपलब्धता व भुगतान हुई रकम के बारे में कोई खुलासा नहीं किया। उनका कहना है कि पर्याप्त करेंसी उपलब्ध है। स्टेट बैंक में कई दिनों से नोट बदलने वालों को 10 रुपये के सिक्के भी दिए जा रहे हैं।
वहीं लीड बैंक मैनेजर एनके शर्मा के अनुसार सेंट्रल बैंक करेंसी चेस्ट को करीब 40 करोड़ रुपये की नई करेंसी प्राप्त हुई थी। इसके अलावा करीब 20 करोड़ रुपये 100 व उसके नीचे के नोट उपलब्ध थे। यह रकम इटावा व औरैया की कुल करीब 70 बैंक शाखाओं को उपलब्ध कराई गई। जिसमें सेंट्रल बैंक शाखाओं के अलावा 10 अन्य बैंक शाखाएं शामिल हैं। शुक्रवार को करेंसी की उपलब्धता के अनुसार बैंकों पर लेनदेन होगा।
पांच सौ का नया नोट अब तक नदारद
दो हजार का नया नोट तो लोगों की जेबों तक पहुंच चुका है, लेकिन बाजार में लेनदेन से बाहर है। लोगों की नजर पांच सौ के नए नोट पर टिकी है। उम्मीद की जा रही थी कि शुक्रवार से 500 का नया नोट मिलने लगेगा। दरअसल बुधवार को स्टेट बैंक के दो मुख्य एटीएम अपडेट होने की वजह से बंद थे। इसलिए लोगों को 500 के नोट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन गुरुवार को जब शास्त्री चौराहा स्थित स्टेट बैंक मुख्य ब्रांच व पर्सनल बैंकिंग ब्रांच के एटीएम शुरू हुए तो मशीन से सिर्फ 2 हजार रुपये का नया नोट ही बाहर निकला।