थाना भरेह के हरपुरा गांव में चंबल में नहाते समय मगरमच्छ का शिकार बने किशोर का क्षत-विक्षत शव 24 घंटे बाद घटनास्थल से लगभग सात किलोमीटर दूर लालपुरा के निकट नदी में बहता मिल गया। जानकारी होते ही परिजन तथा हरपुरा सहित आसपास गांव के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
भरेह थाना के अंतर्गत हरपुरा गांव में रहने वाला 16 वर्षीय अनुज पुत्र महिपाल सिंह मल्लाह सोमवार दोपहर अपने छोटे भाई हिमांशु के साथ भैंसों को नहलाने के लिए चंबल नदी पर गया था।
भैंसों को नहलाने के बाद दोनों भी नहाने लगे तभी एक मगरमच्छ ने अनुज का हाथ दबोच कर उसे पानी में खींच लिया।
इस दौरान अनुज ने बचने को काफी संघर्ष भी किया, लेकिन मगर उसे पानी में खींच ले गया। सूचना पर पुलिस व सेंचुरी के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंच कर मोटरबोट आदि से रेस्क्यू में लग गए।
देर रात तक किशोर की तलाश में सफलता नहीं मिली। मंगलवार दोपहर बाद लगभग तीन बजे घटनास्थल से लगभग सात किलोमीटर दूर लालपुरा गांव के पास चंबल नदी में बहता मिला।
जिस प्रकार किशोर के शव की हालत है उसे देखकर लगता है कि मगरमच्छ और बालक में काफी संघर्ष हुआ होगा।
थानाध्यक्ष भरेह महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
किशोर के सर्च ऑपरेशन में पुलिस महकमे के अलावा सेंचुरी विभाग से बीट प्रभारी सिद्धार्थ रावत, वन दरोगा चंद्रभान सेंगर, नाविक पंचम व राम चल तथा कुछ ग्रामीणों ने सराहनीय सहयोग किया।
चकरनगर। किशोर का शव मिल जाने की सूचना पाते ही आसपास के गांव से ग्रामीण, बच्चों व औरतों का सैलाब सा चंबल नदी के किनारे उमड़ पड़ा। बालक की एक झलक देखने के लिए सभी व्याकुल थे।
मां मीरा की दहाड़ों से तो चंबल नदी की सुनसान वादियां थर्रा उठीं। ग्रामीण महिलाएं मीरा को समझाने व संयम में लाने की चेष्टा कर रही थीं तो वहीं पिता महिपाल मूर्छित होकर गिर पड़ा और चारों ओर कोहराम मच गया।