लायन सफारी में बबेसिया की चपेट में आकर बीमार चल रहे शेर पटौदी व शेरनी जेसिका के स्वास्थ में तेजी से सुधार हुआ है। अब वह किसी भी खतरे से बाहर हैं। शेरों के स्वस्थ होने के साथ ही कानपुर और मथुरा के डॉक्टरों की टीम सोमवार शाम वापस लौट गई। गुजरात से आए जेसिका के कीपर दोस्त मोहम्मद भी चले गए।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट लायन सफारी पर मंडराया संकट अब दूर हो चुका है। बबेसिया बीमारी की चपेट में आए शेर पटौदी व शेरनी जेसिका धीरे धीरे स्वस्थ हो रहे हैं।
इलाज कर रही डॉक्टरों की टीम के अनुसार अब वह खतरे से बाहर हैं। बीमार शेरों का इलाज करने के लिए कानपुर, लखनऊ और मथुरा के डॉक्टर पिछले एक हफ्ते से लायन सफारी में डेरा डाले हुए थे।
यही नहीं जेसिका की देखरेख के लिए उसके गुजरात के पुराने कीपर दोस्त मोहम्मद को भी लायन सफारी में बुलाया गया था। शेरों के स्वस्थ होने के बाद और बिना किसी मशक्कत के दवाई खानी शुरू करने के बाद डॉक्टरों की टीम लौट गई है। कीपर दोस्त मोहम्मद भी सोमवार शाम गुजरात भेज दिए गए हैं। अब सफारी मैं तैनान डॉक्टर ही शेरों की देखरेख और इलाज कर रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि पटौदी व जेसिका के बीमार होने के बाद से दोनों ने खाना पूरी तरह से छोड़ दिया था। जिससे उनको भैंसे व बकरे के मीट की जगह मुर्गा दिया जाने लगा था।
शेर पटौदी तो चार दिन पूर्व से ही मीट खाने लगा था। लेकिन जैसिका अभी तक सिर्फ मुर्गा ही खा रही थी। मंगलवार को जेसिका के सामने जब बकरे का मीट डाला गया तो उसने उसे खाना शुरू कर दिया और कई दिनों के बाद लगभग चार किलो मीट खाया।
लायन सफारी के सूत्र बताते हैं कि सफारी पहुंची डॉक्टरों की टीम ने दोनों शेरो की बीमारी से सबसे ज्यादा इसलिए परेशान थी कि शेर मुंह से कुछ भी नहीं खा रहे थे और जिस बबेसिया नामक बीमारी से वह पीढित थे, उसके इलाज के लिए अभी तक कोई इंजेक्शन नहीं बना है।
ऐसे में शेरों का इलाज ही शुरू नहीं हो पा रहा था। पटौदी ने तो जैसे तैसे दवाई खानी शुरू कर दी लेकिन जोसिका दवाई नहीं खा रही थी। यही कारण था कि उसके पुराने कीपर दोस्त मोहम्मद को भी सफारी बुलाना पड़ा। जिसके बाद किसी तरह से जेसिका को दवाई खिलाई गई।