सीएससी एवं विधि-न्याय मंत्रालय ने न्याय को आसान बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले गरीब और कमजोर लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता देने की टेली लॉ योजना शुरू की है।
इस योजना में कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जरूरतमंदों को वकीलों से मुफ्त कानूनी सहायता मिलेगी।
यह जानकारी जिला समंवयक मनीष कुमार एवं जिला प्रबंधक आकाश सोनी, सौरभ पाठक ने दी है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से डिजिटल ग्राम के रूप में चयनित भरथना देहात में शुक्रवार को नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरुकता, संविधान जागरूकता एवं मौलिक कर्तव्य जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
ग्राम वासियों को संविधान की जानकारी, संविधान की प्रस्तावना की व्याख्या, भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य के बारे में विस्तार से बताया गया।
वीएलई गीतांजलि ने बताया कि इस योजना में टेली ला नाम का एक पोर्टल होगा जो कि सभी कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर उपलब्ध होगा।
सचिव प्रतिनिधि अरविंद तिवारी ने बताया कि यह पोर्टल प्रौद्योगिकी सक्षम प्लेटफार्मों की सहायता से लोगों को कानूनी सेवा प्रदाताओं से जोड़ेगा।
टेली ला के जरिए लोग कामन सर्विस सेंटर पर पहुंचकर वीडियो कांफ्रेंसिंग से वकीलों से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
इस योजना में प्रत्येक सीएससी पर एक पैरा लीगल वालंटियर नियुक्त होगा। पैरा लीगल वालंटियर कानूनी मदद चाहने वाले ग्रामीण के लिए संपर्क का पहला बिंदु होगा।
वह कानूनी मुद्दे समझने में उनकी सहायता करेगा। इसके लिए चुने हुए पैरालीगल वालंटियरों को जरूरी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।