इटावा। धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए शहादत देने वाले श्री गुरु तेग बहादुर साहिब का शहीदी पर्व सोमवार को भक्तिभाव के साथ मनाया गया। गुरुद्वारा साहिब में जत्थे ने शबद कीर्तन किया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष तरनपाल सिंह कालड़ा ने गुरु की शहादत पर प्रकाश डाला। कहा कि गुरु तेग बहादुर ने दूसरों के अधिकारों की रक्षा के लिए शहादत दी। वह हिंद की चादर थे।
उन्हाेंने बताया कि भारतीय संस्कृति त्याग और बलिदान से ही बलवती हुई है। गुरु तेग बहादुर का समूचा जीवन ही त्याग का जीवन है।
गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरुदीप सिंह ने कीर्तन किया। संगत निहाल की।
इसमें बताया कि कैसे उन्होंने दूसरों के हित के लिए प्राण त्याग दिए। कार्यक्रम में चरनजीत सिंह काका, मनदीप सिंह, जसवीर सिंह पप्पी, दलजीत सिंह, राजा साहनी, रिंकू मोगा ने सहयोग किया। प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष तरनपाल सिंह कालड़ा ने अखंड पाठ व लंगर करवाने वाले परिवार व सभी संगत का आभार व्यक्त किया।