बकेवर। नलकूप पर 42 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी चार मोहल्लों के लोगों को अभी तक पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है। लोग अभी भी हैंडपंपों के भरोसे हैं। यहां सुबह होते ही पहला काम हैंडपाइप पर पानी के लिए लाइन लगाना होता है। बच्चों से लेकर महिलाओं तक को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।
2020 की शुरुआत में कस्बे में ऊंचाई पर बसे सुभाषनगर, गांधी नगर, पटेल नगर व आजाद नगर मोहल्लों तक पानी पहुंचाने के लिए नलकूप लगाने का काम शुरू हुआ था। नलकूप और पाइप लाइन का काम छह माह में पूरा करना था। काम इतनी सुस्त गति से हुआ कि अभी तक पाइप लाइन बिछाई जा रही है। इसके कारण इन मोहल्लों के करीब 100 घरों में रहने वाले एक हजार लोग पानी के लिए परेशान हैं।
काम की स्थिति का आकलन इसी से लगाया जा सकता है कि अभी दो माह पहले ही बिजली विभाग ने नलकूप के लिए कनेक्शन दिया। अब पाइप लाइन बिछने के बाद ही लोगों को पानी मिलने की उम्मीद है।
नगर पंचायत बकेवर के ईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि नलकूप बन गया है। बिजली कनेक्शन भी हो गया है। पाइपलाइन बिछ गई है। जलनिगम को घरों में कनेक्शन करने के लिए कहा गया है। प्रयास है कि लोगों को जल्द पानी उपलब्ध हो सके।
गांधी नगर निवासी अनुराग तिवारी उर्फ डंपी ने बताया कि ऊंचाई पर बसे मोहल्लों में रहने वालों के घरों में जलापूर्ति नहीं हुई। अफसरों ने भी काम इतना धीमा कराया कि पानी कब पहुंचेगा पता नहीं।
सत्यव्रत मिश्रा उर्फ लल्लू लाल ने बताया कि पानी भरने के लिए लोगों को गली से होकर हैंडपंप तक जाना पड़ता था। घर तक पानी लाने में ही पूरी ताकत लग जाती है। कई बार पहले पानी पाने के लिए नोकझोंक भी होती है।
आलोक मिश्रा ने बताया कि वर्षों हो गए हैं लेकिन आज तक उन लोगों के घरों तक नल से पानी नहीं पहुंचा। दो साल पहले ट्यूबवेल बनने की जानकारी हुई तो खुशी हुई थी लेकिन फायदा नहीं हुआ।
मुनीष मिश्रा ने कहा कि काम तेजी से कराने के लिए नगर पंचायत के अधिकारियों से कहा था लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जल्द पानी घरों तक पहुंचेगा यही आश्वासन मिलता रहा। अभी भी तय नहीं है कि जलापूर्ति कब शुरू होगी।