बेसिक शिक्षकों को जनवरी का वेतन नहीं मिला है। अधिकारियों की माने तो विभाग के वित्त नियंत्रक द्वारा नया सॉफ्टवेयर न भेजे जाने से ये स्थिति पैदा हुई है। वेतन न मिलने से आर्थिक परेशानी से जूझ रहे शिक्षकों की सप्ताह भर बाद चुनाव में ड्यूटी भी लगा दी गई है। जिससे उनमें रोष है।
जिले के सैकड़ों बेसिक शिक्षकों की इस समस्या के समाधान के लिए अमर उजाला टीम ने गुरुवार को विभागीय अधिकारियों से बातचीत की। इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी ऋषभ अग्रवाल ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जनवरी 2017 में शिक्षकों का वेतन सातवें वेतन आयोग के तहत दिया जाना है। इसके लिए विभाग ने अतिरिक्त बजट के साथ ही वेतन प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए नया सॉफ्टवेयर भेजे जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद भी अभी तक उन्हें बढ़ा हुआ बजट और वेतन का नया सॉफ्टवेयर नहीं मिला है। जिसके चलते अभी तक शिक्षकों का वेतन उनके खातों में नहीं पहुंचाया जा सका है।
अगर देरी हुई तो जारी कर देंगे पुराना वेतन
वित्त लेखाधिकारी ऋषभ अग्रवाल ने बताया कि वह इस मामले को लेकर लगातार वित्त नियंत्रक इलाहाबाद के संपर्क में हैं और प्रयास कर रहे हैं कि जल्द ही वेतन का नया सॉफ्टवेयर जिले को प्राप्त हो जाए। उन्होंने कहा कि अगर इस कार्य में देरी होती है तो वह पुराने सॉफ्टवेयर से ही शिक्षकों का पुराना वेतन जारी कर देंगे। सातवां वेतन आयोग 22 दिसंबर 2016 को लागू किया गया था। दिसंबर तक के लाभ को एरियर के रूप में जोड़कर शिक्षकों को जनवरी का वेतन दिया जाना है। मतदान से पूर्व ही शिक्षकों की समस्या को दूर कर दिया जाएगा।