फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षकों ने बीएसए के विरुद्ध की नारेबाजी

Wed, 09 Nov 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
विज्ञापन
शिक्षकों के आमने सामने बीएसए ओपी सिंह। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
स्पोर्ट्स स्टेडियम में बेसिक विद्यालयों की जिला स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री क ो संबोधन के लिए न बुलाए जाने पर शिक्षक भड़क गए। बिना शिक्षक नेता के खेलकूद प्रतियोगिता शुरू कर दिए जाने से गुस्साए शिक्षकों ने कार्यक्रम पंडाल में ही बीएसए के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। बीएसए ने जब शिक्षकों को दबाव में लेना चाहा तो बात गाली गलौच तक आ गई। कार्यक्रम की मुख्यअतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता यादव के बीच में आने पर शिक्षक ठंडे हुए और मामला रफा दफा किया।
विज्ञापन

मंगलवार को जिला स्तरीय बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ होना था। कार्यक्रम के उद्घाटन के  लिए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता यादव व विशिष्ठ अतिथि के रूप में सीडिओ पीके श्रीवास्तव को बुलाया गया था। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री जबर सिंह यादव व जिलाध्यक्ष विनोद यादव अन्य शिक्षक नेताओं के साथ यहां पहुंचे थे। मुख्य अतिथि के पहुंचने पर कार्यक्रम शुरू हुआ और संबोधन की शुरुआत हुई। संबोधन में शिक्षक नेताओं को शामिल नहीं किया गया और बीएसए ओपी सिंह कैंप में अतिथियों को स्वल्पाहार कराने चले गए। इसी बीच शिक्षकों में इस बात को लेकर रोष व्याप्त हो गया कि वरिष्ठ शिक्षक नेता जबर सिंह का कार्यक्रम में संबोधन व स्वागत न कराकर बीएसए श्री सिंह ने शिक्षकों का अपमान किया है। कुछ ही देर में शिक्षकों ने कार्यक्रम के पंडाल में नारेबाजी शुरू कर दी। यह सुन जब बीएसए शिक्षकों के सामने पहुंचे तो शिक्षकों ने बीएसए को काफी खरी खोटी सुनाई। शिक्षक नेता जबर सिंह यादव को एबीएसए सुरेंद्र कु मार मौर्या ने काफी समझाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने एक न सुनी। इसके बाद मुख्य अतिथि प्रेमलता यादव के समझाने के बाद शिक्षक शांत हो गए। लेकिन जैसे ही मुख्य अतिथि कार्यक्रम स्थल से निकलीं, एक बार फिर से शिक्षकाें ने नारेबाजी शुरू कर दी। यह देख एक बार बीएसए ओपी सिंह ने शिक्षकों का सामना करना चाहा लेकिन कुछ ही देर में मामला गरमा गया और बात गाली गलौज तक पहुंच गई। स्थिति को बिगड़ता देख बीएसए ओपी सिंह तुरंत ही अपनी जीप में बैठकर मौके से खिसक लिए। शिक्षक नेताओं व अन्य शिक्षकों ने बीएसए पर यह भी आरोप लगाया कि वह कई शिक्षकों का वेतन रोके हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें