इटावा। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध इटावा के सेल्फ फाइनेंस शिक्षकों ने सोमवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का बहिष्कार किया। प्राध्यापकों ने सोमवार को कलक्ट्रेट में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी न्यायिक राकेश कुमार को सौंपा।
ज्ञापन में सेवा सुरक्षा के साथ विनियमितीकरण की प्रमुख मांग रखी गई। शिक्षकों ने यूजीसी वेतनमान के अनुरूप सम्मानजनक मानदेय देने की भी अपील की। शिक्षकों ने बताया कि प्रदेश के 331 अनुदानित महाविद्यालयों में करीब 3000 शिक्षक कार्यरत हैं। ये शिक्षक लगभग 25 वर्षों से सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यूजीसी की निर्धारित योग्यता होने के बावजूद उन्हें सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है।
प्राध्यापकों ने स्पष्ट किया कि वे चिकित्सा योजना के उद्देश्य का विरोध नहीं करते हैं। बल्कि यह बहिष्कार उनकी लंबित मूल समस्याओं के समाधान के लिए किया गया है। उन्होंने सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों को अनुदान पर लेने की मांग की है। शिक्षकों ने अपनी सेवाओं को संरक्षित करने की भी अपील की। ज्ञापन सौंपते समय अंकुर वर्मा, अश्विनी श्रीवास्तव, आलोक अग्रवाल, अभिषेक गौड़ आदि शिक्षक उपस्थित थे।