मानदेय की मांग पर मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे वित्तविहीन शिक्षकों ने सोमवार को जेल भरो आंदोलन किया। कचहरी परिसर में 7 महिलाआें समेत 89 शिक्षकों को गिरफ्तारी दी। बाद में सभी को 25-25 हजार के निजी मुचलके पर रिहा किया गया। बाद में वित्तविहीन शिक्षकों ने आरपार की लड़ाई छेड़ने का ऐलान किया।
बता दें कि आठ दिन मूल्यांकन केंद्र जीआईसी के बाहर धरना दे रहे वित्तविहीन शिक्षकों ने सोमवार को जेल भरो आंदोलन की घोषणा की थी। दोपहर 12:30 बजे वित्तविहीन शिक्षक का दल जीआईसी गेट से नारेबाजी करते हुए कचहरी के लिए रवाना हुए।
वहां सिटी मजिस्टेट ईश्वरचंद्र के सामने सात महिलाआें समेत 89 शिक्षक ो ने गिरफ्तारी दी। बाद में सभी को 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। संगठन के प्रदेश महासचिव सतीश चंद्र राजपूत ने कहा कि विधानसभा चुनाव में सपा ने घोषणा की थी कि सरकार बनने पर वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय दिया जाएगा।
सरकार अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुकी है, अभी तक इस वादे को निभाया नहीं गया। जिलाध्यक्ष विनोद यादव ने कहा कि मानदेय न मिलने के कारण वित्तविहीन शिक्षकाें की स्थिति दयनीय है। मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ रहा है।
प्रदेश संगठन मंत्री सत्यराम यादव ने कहा कि जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकार को चाहिए कि वह मानवता के आधार पर वित्त विहीन शिक्षक ों की बदहाली पर ध्यान दे। गिरफ्तारी देने वालों में राजेंद्र यादव, सत्यप्रकाश यादव, कमलेश कुमार पांडेय, नीता राजपूत, सरिता राजपूत, अरविंद यादव, शिवशंकर तिवारी, रूपलाल शाक्य, सत्यप्रक ाश राजपूत, योगेंद्र कुमार यादव आदि प्रमुख रहे।