ताखा। यूपीडा से प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण में जमीन खरीद को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच दूसरे दिन की वार्ता भी बेनतीजा रही।
किसान मुआवजे की धनराशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, उनका आरोप है कि प्रशासन उनकी राष्ट्रीय प्रांतीय मार्ग पर स्थित जमीन को जनपदीय मार्ग मानकर कम दर पर खरीदना चाहता है। किसानों के अनुसार, राष्ट्रीय प्रांतीय मार्ग का सर्किल दर 52 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है, जबकि जनपदीय मार्ग के तहत 46 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर तय की गई है, जिससे उन्हें करीब 24 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का नुकसान हो रहा है। उप-जिलाधिकारी श्वेता मिश्रा ने किसानों को आश्वासन दिया कि सेवा मार्ग के किनारे की जमीन की सूची यूपीडा को भेजी जा रही है और आदेश मिलने पर अंतर की राशि खातों में भेज दी जाएगी। हालांकि, किसान इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं और स्पष्ट आदेश जारी होने तक जमीन का बैनामा करने से इन्कार कर रहे हैं।
ताखा। लिंक एक्सप्रेसवे के लिए सर्किल रेट बढ़ाए जाने की मांग को लेकर पुरैला गांव के किसानों ने हाईकोर्ट में अपने साक्ष्य प्रस्तुत किए। किसानों ने कोर्ट को बताया कि पुरैला गांव की सीमा कन्नौज से लगी हुई है और बार्डर से सटे अन्य राजस्व गांवों गुजराती, हरकुंजलपुर, बदकनशाहपुर और टिपटिया का सर्किल रेट बढ़ाया जा चुका है, जबकि केवल पुरैला गांव का सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अगली तारीख नौ मार्च निर्धारित की है। अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां राज्य सरकार को अपना पक्ष रखना होगा। किसानों को उम्मीद है कि कोर्ट से उन्हें न्याय मिलेगा और सर्किल रेट में समानता सुनिश्चित होगी।