फोटो 09:::::::मुन्नी का अड्डा की एक गली से कीचड़ से बचकर निकलते छात्र। संवाद
फोटो 19::::वसुधरा कॉलोनी को जाने वाली कच्ची सड़क पर कीचड़। संवाद
- वार्ड-नौ शिवा कॉलोनी की गलियां कच्ची, जल निकासी का इंतजाम न होने से बारिश में हालात बदतर
- नगर पालिका क्षेत्र में एक दशक पूर्व शामिल की गईं कालोनियों में मुहैया नहीं कराए जा सके संसाधन
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। शिवा कालोनी कहने को नगर पालिका परिषद क्षेत्र में है, लेकिन यहां की 9000 की आबादी को शहरी सुविधाएं आज भी मयस्सर नहीं हुईं। हैरत की बात यह है कि गृहकर, जलकर देने के बाद भी यहां के लोगों के लिए आज भी वार्ड में कच्ची सड़कें, गंदे पानी से बजबजाती सड़कें परेशानी का सबब बनी हैं। बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। यह तो बानगी है। शिवा कालोनी जैसी कई कालोनियों को परिसीमन में पालिका परिक्षेत्र में शामिल तो कर लिया गया, लेकिन बुनियादी संसाधन आज तक मुहैया नहीं कराए जा सके हैं।
तेज बारिश होते ही वार्ड टापू बन जाता है, ऐसे में कॉलोनियां बसने के बावजूद सड़कें कच्ची हैं। मंगलवार को हुई तेज बारिश का पानी सूख भी नहीं पाया कि बृहस्पतिवार की शाम को हुई तेज बारिश से हुए जलभराव ने लोगों की दुश्वारियां और ज्यादा बढ़ा दी। नालों को सड़क के लेबल में देखकर लगता है जैसे वह कच्चे हों, तेज बारिश होते ही सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है और पानी घरों में घुस जाता है।
ऐसे में चाह कर भी निकलने में लोग बचते हैं। इन दिनों खाली प्लाट बारिश के पानी से लबालब हैं। ऐसे में इनके किनारे जो मकान बने हैं उनमें रहने वाले लोग मकान नीव को लेकर चिंतित हैं। शिवा कॉलोनी वार्ड में वसुंधरा कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, पीपल के अड्डा के पीछे, मुन्नी का अड्डा आदि सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में हैं।
बारिश के दौरान लोगों का एक कॉलोनी से दूसरी कॉलोनी में जाना दूभर हो जाता है। घरों के दरवाजे तक जलभराव होने की वजह से सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों, महिलाओं को उठाना पड़ती है। पानी कम होने तक बाहर निकलना नहीं होता। ऐसे में दो पहिया वाहनों से निकलना भी काफी जोखिम भरा होता है। मजबूरी में निकलने पर जरा सी असावधानी होने पर लोग जलभराव में गिर कर चोटिल तक हो जाते हैं। दोपहिया वाहन भी पानी में फंसकर खराब हो जाते हैं।
लोगों ने बताई परेशानी
फोटो 13::::::उमेश पाल-शिवा कॉलोनी रोड पर करीब दस साल से रहने वाले उमेश पाल ने बताया कि बारिश में जीना दूभर हो जाता है। आसपास जलभराव होने की वजह से मच्छरों के पनपने से संक्रामक रोग फैलने और बीमार पड़ रहे हैं। पिछले साल काफी लोग डेंगू से ग्रसित हुए थे। आगे क्या हाल होगा से चिंतित हैं।फोटो
फोटो संख्या-14 शिमला देवी
सरैया रोड पर करीब 25 साल से रहने वाली शिमला देवी ने बताया कि जब से रह रहे हैं हालात में कोई बहुत ज्यादा सुधार देखने को नहीं मिला है। जलनिकासी सबसे बड़ी समस्या है, सड़कें भी कच्ची हैं। नाम के लिए नाला है लेकिन सफाई न होने की वजह से बारिश होते ही पानी घरों में भर जाता है।फोटो 14:::::शिमला देवी। संवाद
फोटो 15::::कैलाश पाठक। संवाद
पीपल का अड्डा में रहने वाले कैलाश पाठक ने बताया कि बारिश की वजह से उन्हें अपने मकान को लेकर काफी चिंता सता रही है। मकान के बगल में खाली प्लाट में बारिश का पानी भरने से मकान के अंदर सीलन आने लगी है। नीव कमजोर होने की आशंका सता रही है। चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते।फोटो 14:::::शिमला देवी। संवाद
फोटो 16::::::प्रदीप राजपूत। संवाद
वसुंधरा कॉलोनी में रहने वाले प्रदीप राजपूत ने बताया कि बारिश होने पर कॉलोनी के हालात काफी बदतर हो जाते हैं। दरवाजे तक जलभराव होने की वजह से बच्चों का स्कूल जाना दूभर हो रहा है। जलभराव की वजह से अक्सर सांप, बिच्छ़ु निकलने से घरों में रहने पर भी डर लगा रहता है।
वर्जन
शिवा कॉलानी वार्ड में जलनिकासी न होने वजह से बारिश में जलभराव की समस्या बनी है। नगर पालिका परिषद की पिछले दिनों हुई पहली बोर्ड बैठक में वार्ड की समस्या को पालिका अध्यक्ष के समक्ष उठा चुके हैं। बारिश के बाद ही जलभराव की समस्या से कोई हल निकल सकेगा। वार्ड की जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नाला बनवाने उनकी पहली प्राथमिकता होगी। धर्मेंद्र, सभासद, शिवा कॉलोनी।