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बारिश से मौसम सुहावना, पारा 38 पहुंचा

Sat, 07 May 2016 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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नेविल रोड पर धराशायी हुआ पेड़। - फोटो : अमर उजाला
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देर रात मौसम में अचानक आए बदलाव व बारिश के बाद शुक्रवार भोर ने जनपदवासियों को एक सप्ताह से पड़ रही तेज गर्मी से राहत दे दी। रात भर रूक- रूककर कई बार पानी बरसा। रात की इस बारिश से शुक्रवार का दिन धूप खिलने के बावजूद सामान्य रहा और तापमान में इस मौसम के अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से सात डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार दोपहर जनपद का अधिकतम तापमान घटकर 38 डिग्री सेल्सियस रह गया।
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 पिछले दो दिन में रह रहकर घुमड़ रहे मेघ आखिर गुरूवार की रात तेज हवा के साथ बरस ही पड़े। वैसे तो मौसम शाम से ही बारिश जैसा हो रहा था, लेकिन बारिश उस समय शुरू हुई, जब लोग घरों में गहरी नींद सो रहे थे। देर रात्रि दो बजे तेज हवा के साथ शुरू हुई बारिश कभी तेज तो कभी धीमी गति में लगातार दो घंटे तक होती रही। इसके बाद कुछ देर को बारिश बंद हुई और भोर एक बार फिर रिमझिम बारिश शुरू हो गई। रातभर हुई बारिश से मौसम पूरी तरह से बदल गया और जब लोग नींद से जागे तो गर्म हवाओं की जगह ठंडी- ठंडी सुहानी बयार ने सभी को खुश कर दिया।


रात्रि हुई बारिश का असर शुक्रवार को दिन में भी दिखाई दिया। सुबह मौसम खुलने के साथ चारों ओर तेज धूप खिल चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद मौसम में आई नमी से गर्मी का अहसास नहीं हो रहा था। दोपहर तेज धूप के बाद भी स्कूटी व बाइक सवारों पर चेहरे पर नकाब व हाथों में ग्लब्स नहीं पहनने पड़े ।  शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जबकि एक दिन पूर्व तक जनपद का तापमान 44 से 46 डिग्री के बीच तक झूल रहा था।
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हल्की बारिश में ही रातभर गुल रही शहर की बिजली-  इटावा। रात तेज हवा के साथ बारिश शुरू होते ही विद्युत विभाग ने एतिहात के तौर पर ब्रेक डाउन कर दिया, लेकिन इसके बाद बारिश तो बंद और शुरू होती रही, लेकिन घरों के कूलर पंखे और ऐसी सुबह से पूर्व नहीं चले। इसके चलते रात से सुबह तक शहर की सड़कों पर भी अंधेरा छाया रहा। लगातार तीन घंटे तक बिजली न आने और बारिश होने से शहरवासियों की नींद उड़ी रही। बिना बिजली के लोगों को मच्छर बेचैन किए रहे। शहर के ज्यादातर क्षेत्रों में सुबह साढ़े पांच बजे ही बिजली आई।


इस संबंध में विद्युत विभाग के जेई अजीत कुमार का कहना रहा कि ब्रेकडाउन होने के बाद उच्च स्तर से मौसम सामान्य होने पर एक बार सप्लाई को शुरू किया जाता है। अगर ऐसे में ट्रिपिंग होती है तो इसके बाद जेई को सब जांचकर शट डाउन खुलवाना होता है। रात मैनपुरी ओवरब्रिज में पानी भर जाने से जेई को कुनैरा पहुंचने में देरी हुई, जिससे बिजली सप्लाई शुरू होने में देरी हुई। वहीं शहर में चर्चा रही कि रात बिजली जाने के बाद विद्युत अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से रात से सुबह तक शहर के कई क्षेत्रों में बिजली नहीं आई।


बारिश से गेंहू की मढ़ाई हुई प्रभावित- इटावा। जिले में गेहूं का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है। इस समय गेहूं की कटाई का कार्य पूरा हो चुका है और गेहूं के गट्ठे खेतों में मढ़ाई के लिए पडे़ हुए हैं। कुछ दिन पूर्व से ही गेहूं की मढ़ाई का कार्य शुरू हुआ है। गुरुवार रात हुई बारिश के बाद गेहूं के गट्ठे भीगकर नम हो गए हैं। ऐसे में अब गेहूं की मढ़ाई का कार्य जहां का तहां बंद हो गया है।


वहीं अगर एक दो दिन में कहीं फिर से बारिश हो जाती है तो खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल को लंबा नुकसान भी हो सकता है। अब किसान इंतजार में हैं कि जैसे ही फसल से नमी दूर हो, जल्द से जल्द गेहूं की मढ़ाई कराकर उसे घर या गोदाम में पहुंचा दिया जाए।


पेड़ गिरने से आवागमन रहा प्रभावित- इटावा। नेविल रोड पर सरस्वती पुस्तक भंडार के सामने खड़ा गूलर का पेड़ अचानक धराशायी हो गया। यह महज संयोग रहा कि पेड़ के गिरने से किसी को चोट नहीं पहुंची। अलबत्ता बगल स्थित एक दुकान की टीन की चादर आदि को क्षति पहुंची है। शुक्रवार को मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित रहा।


गूलर का यह पेड़ काफी पुराना था और इस पेड़ के नीचे नाला बना हुआ है। जड़ों के कमजोर पड़ने पर गत गुरुवार रात नौ बजे अचानक यह पेड़ चरमरा गिर पड़ा। जिस समय पेड़ धराशायी हुआ, उस वक्त मार्ग पर आवाजाही काफी कम थी। इस वजह से कोई वाहन या राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया। पेड़ के गिरने से आधी सड़क अवरुद्ध हो गई। जिससे भारी वाहनों की आवाजाही संभव नहीं हो सकी। आसपास के लोग पेड़ की डालों को काटकर रास्ता साफ करने की कवायद करते रहे।
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