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कुर्सी को लेकर गोपाल व सुनील गुट में तनातनी

Fri, 06 Jan 2017 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
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मनोनयन पत्र को दिखाकर जिलाध्यक्ष होने का दावा करते गोपाल यादव - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पद को लेकर तनातनी है। शिवपाल यादव की ओर से नियुक्त किए गए जिलाध्यक्ष सुनील यादव ने नए प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम की ओर से बनाए गए जिलाध्यक्ष गोपाल यादव को कार्यालय पहुंचने पर जिलाध्यक्ष की कुर्सी नहीं दी। इस पर उन्होंने दूसरी कुर्सी मंगवाई और उसे बगल में डालकर बैठ गए। दोनों का दावा है कि वे जिलाध्यक्ष हैं। इस दौरान दोनों के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। विवाद बढ़ता देख पार्टी कार्यालय छापनी बन गया। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने गुरुवार को गोपाल यादव को पार्टी का नया जिलाध्यक्ष घोषित किया था।
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गोपाल यादव ने शुक्रवार को  पार्टी कार्यालय पहुंचकर जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने की घोषणा की थी। इसके चलते शुक्रवार को सुबह से ही सिविल लाइन स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर गर्मा गर्मी का माहौल रहा। स्थिति को भांपते हुए जिला प्रशासन ने पार्टी कार्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया था। बड़ी संख्या में पुलिस पीएसी बल के साथ फायरब्रिगेड, बज्र वाहन भी कार्यालय के बाहर तैनात रहा। यही नहीं एडीएम जितेंद्र कुमार, एएसपी रामकिशुन यादव व सिटी मजिस्ट्रेट जगतपाल सिंह भी किसी भी स्थिति ने निपटने के लिए पार्टी कार्यालय के बाहर मौजूद रहे।

उधर, पार्टी कार्यालय पर सुबह से ही आ डटे सुनील यादव के सैकड़ाें समर्थक लगातार नारेबाजी कर रहे थे। सुबह साढ़े 11 बजे गोपाल यादव समर्थकों के साथ जैसे ही पार्टी कार्यालय की ओर बढ़े तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के घेरे को तोड़ते हुए वह सीधे पार्टी कार्यालय के गेट के सामने जा पहुंचे। यहां पहले से खडे़ सुनील यादव के समर्थकों ने यह देख जोर शोर के साथ मुलायम सिंह यादव के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर गोपाल समर्थक भी अखिलेश यादव के समर्थन में नारे लगाने लगे।
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गेट पर इस हंगामे के बीच गोपाल यादव जिलाध्यक्ष कार्यालय में पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद सुनील यादव जिलाध्यक्ष की कुर्सी से नहीं उठे। काफी प्रयास के बाद भी जब वह कुर्सी से हटने पर तैयार नहीं हुए तो गोपाल यादव समर्थक ों के साथ कार्यालय से बाहर आ गए। इस पर उनके समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद गोपाल यादव फिर अध्यक्ष कक्ष में पहुंचे और सुनील यादव के पास बैठे कृष्ण मुरारी गुप्ता से कुर्सी लेकर उस पर डट गए और जिलाध्यक्ष का पद संभालने की घोषणा कर दी।
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