सपा कार्यालय पर गोपाल यादव जिला अध्यक्ष की नेमप्लेट लगाते सपा कार्यकर्ता
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चुनाव आयोग के फैसले के बाद सीएम अखिलेश को साइकिल चिह्न मिलने पर जिले में सपा जिलाध्यक्ष पद पर चला आ रहा विवाद भी समाप्त हो गया। शिवपाल गुट के जिलाध्यक्ष सुनील यादव ने सोमवार को सपा की सदस्यता और जिलाध्यक्ष दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सिविल लाइन स्थित सपा कार्यालय पर कब्जा छोड़ दिया। कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव का जो भी आदेश होगा, उसका पालन करेंगे।
सुनील यादव ने कहा कि चुनाव आयोग का जो निर्णय आया है उसका वे सम्मान करते हैं। उन्होंने जिलाध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया है। कहा कि कार्यकर्ताओं के सुख दुख में वे बराबर के भागीदार रहेंगे। सहयोग करने वालों की मदद के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे।
गौरतलब है कि सपा में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच छिड़ी रार के बाद इटावा में भी पार्टी के दो फाड़ हो गए थे। मुलायम सिंह गुट से सुनील यादव जिलाध्यक्ष थे। इसके बाद अखिलेश गुट की ओर से गोपाल यादव को जिलाध्यक्ष बनाया गया। दोनों गुटों के बीच सपा कार्यालय पर कब्जे को लेकर भी तनातनी हुई। दोनों के समर्थकों पर निषेधाज्ञा उल्लंघन का मामला भी दर्ज हुआ।
उधर सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव और उनके समर्थकों में उत्साह दौड़ गया। गोपाल यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने ऐतिहासिक फैसला दिया है। वे फैसले का सम्मान करते हैं। सभी कार्यकर्ता अब एकजुट होकर प्रदेश में सीएम अखिलेश यादव के नेतृत्व में फिर से सपा सरकार बनाने का संकल्प पूरा करने में जुटेंगे।