समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के तत्वावधान में जिले भर के भूतपूर्व सैनिक शनिवार को कचहरी वटवृक्ष के नीचे एकत्रित हुए। धरना-प्रदर्शन में सभी ने वन रैंक वन पेंशन देने की मांग की।
सेकेंड सैटरडे के बावजूद सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वरचंद्र मौके पर पहुंचे और उनका ज्ञापन लिया। उन्होंने पूर्व सैनिकों को भरोसा दिलाया कि उनका ज्ञापन सोमवार को डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेज दिया जाएगा।
गौरतलब है कि लंबे समय से पूर्व सैनिक वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे हैं। समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष ब्रह्मा सिंह यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन देने का वादा किया था। सरकार का एक साल पूरा हो चुका है लेकिन जटिलता का बहाना लेकर अनावश्यक देरी की जा रही है।
केंद्र सरकार के इस रवैए से पूर्व सैनिक काफी आहत हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग करते हुए कहा कि भारतीय सेनाओं के सुप्रीम कमांडर होने के नाते वह पूर्व सैनिकों का आदर करते हुए वन रैंक वन पेंशन जल्द दी जाए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वरचंद्र मौके पर पहुंचे और पूर्व सैनिकों के मध्य जाकर उनसे ज्ञापन लिया। यहां श्री चंद्र ने कहा कि केंद्र सरकार संभवत: इस मांग पर गंभीरता से विचार कर रही है जिससे पूर्व सैनिकों के अलावा अन्य कर्मचारियों के लिए कोई मसौदा तैयार करके सदन पटल पर रखा जाए।
इस दौरान पूर्व सैनिक लीग के जिलाध्यक्ष रामबाबू बरुआ, सचिव प्रमोद यादव, प्रदेश सचिव एन पांडेय, सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव ताले सिंह, रविंद्र सिंह यादव, भैरों सिंह, सतपाल सिंह, रामचंद्र वर्मा, विश्राम सिंह, सपा जिला सचिव आलोक दीक्षित, सपा अधिवक्ता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुनील तिवारी आदि मौजूद रहे।
पूर्व सैनिकों की समस्याएं भी जानी
सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वरचंद्र पूर्व सैनिकों मध्य काफी देर तक रहे और माइक संभाले रहे। उन्होंने पूर्व सैनिकों की जिले में संख्या पूछी तो किसी ने 10 हजार पूर्व सैनिक होने की बात कही। उन्होंने पूर्व सैनिकों के आधारकार्ड बने होने को लेकर हाथ उठवाए तो लगभग सभी ने हाथ ऊपर कर दिए।
इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्यों के भी आधारकार्ड बनवाने का आग्रह किया। कुछ पूर्व सैनिकों ने फसल की राहत चेक न मिलने की शिकायत की।
इस पर उन्होंने संबंधित एसडीएम को तत्काल मोबाइल से अवगत कराते हुए समस्या का निपटाने को कहा। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने शस्त्र लाइसेंस, पेयजल किल्लत आदि की समस्याएं भी उठाई। जिनका उन्होंने मौके पर यथा संभव निराकरण किया।