दिमाग की पांचवीं नस के ट्यूमर का सफल आपरेशन कर रिम्स ने अपना सफलता का एक और अध्याय लिख दिया। रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. वीके मौर्या ने मरीज श्रीकिशन को आपरेशन के बाद नई जिंदगी दी।
फिरोजाबाद के श्रीकिशन (45) जबर्दस्त सिरदर्द की शिकायत रहती थी। विभिन्न जांचों के बाद डॉ. मौर्या ने करीब नौ घंटे आपरेशन के बाद ट्यूमर को निकाल दिया। उन्होंने बताया कि इस ट्यूमर का शुरुआत में पता नहीं चलता है। दो से चार वर्षों में यह बड़ा होने लगता है।
इसके बाद कम सुनाई देने, देखने में परेशानी, चक्कर आना, सिरदर्द होने लगता है। इस तरह के आपरेशन की सुविधा गिने चुने चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध है। प्रदेश में एसजीपीजीआई और केजीएमयू लखनऊ में ही यह सुविधा है।
संस्थान के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर टी. प्रभाकर ने बताया कि सुपर स्पेशिलिटी न्यूरो सर्जरी विभाग के खुल जाने से संस्थान में उत्कृष्ट चिकित्सीय सेवाओं का नया अध्याय जुड़ गया है। डा. मौर्या और अन्य विशेषज्ञों के द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है।
न्यूरोफिजीशियन विभागाध्यक्ष डॉ. रमाकांत यादव ने कहा कि भविष्य में न्यूरो सर्जरी विभाग को और उन्नत बनाया जाएगा। इस आपरेशन में ऐनेस्थिसिया डॉ. नीना रायजादा, तकनीशियन मनोज व्यास, डैरिस, योगेश का सहयोग रहा।