इटावा। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को यमुना नदी पार नहीं करना पड़ेगा। 40 से 50 किमी की दूरी पर बनाए गए परीक्षा केंद्रों को जिला स्तरीय समिति के सुझावों के आधार पर संशोधित कर दिया गया है। हिंदू विद्यालय जसवंतनगर और राजकीय इंटर कालेज इमलिया के परीक्षार्थियों को यमुना नदी पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अब यहां के परीक्षार्थी अपने नजदीकी परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देंगे। जिसकी दूरी 4 से 5 किमी से ज्यादा नहीं होगी। वहीं, अधिकांश विद्यालयों में छात्राओं को स्वकेंद्र की सुविधा दी गई है। परीक्षा केंद्र दूर होने संबंधी 29 आपत्तियां जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आई थीं। जिला स्तरीय समिति ने सभी का निस्तारण करके अंतिम सूची जारी कर कर दी है।
सूची में चार केंद्र कटे, छह बढ़े
इटावा। वर्ष 2021 में परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़कर 75 हो गई थी। 27 जनवरी को जारी हुई सूची में परीक्षा केंद्रों की संख्या 73 निर्धारित की गई थी। इस सूची से चार विद्यालयों के नाम काटे गए जबकि छह नए विद्यालयों को केंद्र बनाया गया। इनमें एक पं दीनदयाल उपाध्याय आवासीय आश्रम विद्यालय नगला हीरालाल आवासीय होने के कारण सूची से काटा गया।
बाकी तीन गुरुकुल इंटर कालेज महेवा, स्वामी अवधूतानंद इंटर कालेज हिंदूपुर बैदपुर ताखा और ज्ञान स्थली भरथना के प्रधानाचार्यों ने स्वयं ही व्यवस्थाएं न होने के कारण परीक्षा केंद्र नहीं बनाने का अनुरोध किया था। छह नए विद्यालयों को परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल कर लिया गया है।
इनमें चौधरी सुघर सिंह इंटर कालेज जसवंतनगर, नंदराम हाईस्कूल कठौतिया, मुंशीलाल रामसेवक इंटर कालेज नगला केहरी बहारपुर, कौशल्या देवी बालिका इंटर कालेज टिमरुआ, कल्पनानंद बालिका इंटर कालेज लरखौर और जनता इंटर कालेज फर्रुखाबाद रोड इटावा शामिल हैं।
पहले थी 40 किमी तक की दूरी
पहले हिंदू विद्यालय जसवंतनगर के छात्रों को महात्मा गांधी सैनिक इंटर कालेज पछांयगांव से संबद्ध किया गया था। इन छात्रों को यमुना नदी पार परीक्षा देने जाना पड़ता है। यमुना नदी पर कोई पुल नहीं है। ऐसी दशा में उन्हें इटावा होकर 45 किमी का चक्कर काटकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना होता।
ऐसी ही समस्या चकरनगर क्षेत्र में राजकीय इंटर कालेज इमलिया की थी। इस विद्यालय की छात्राओं को लोकमान्य रूरल इंटर कालेज महेवा में परीक्षा देने जाना होगा। इन छात्राओं को भी 40 से 45 किमी का सफर तय करना पड़ेगा। छात्राओं को यमुना नदी पार करनी ही पड़ेगी।
अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। जिसका संज्ञान लेते हुए यूपी बोर्ड ने अपनी गलती सुधारी। अब हिंदू विद्यालय के छात्रों को रायनगर और इमलिया के छात्रों को जवाहर इंटर कालेज चकरनगर परीक्षा देनी होगी।
शहरी विद्यालयों के छात्र नहीं जाएंगे देहात
शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को नजदीकी विद्यालयों से संबद्घ न कर ग्रामीण क्षेत्र में भेजा गया था। राजकीय कालेज के छात्र इंटर कालेज किल्ली सुल्तानपुर संबंद्घ किए गए थे। अब नई व्यवस्था में शहरी क्षेत्र के विद्यालयों को शहरी केंद्रों से ही संबद्घ कर दिया गया है। अब इन परीक्षार्थियों को शहर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
बालिकाओं को मिली स्वकेंद्र की सुविधा
इटावा। बालिका विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाकर बालिकाओं को स्वकेंद्र की सुविधा दी गई है। पांच राजकीय बालिका विद्यालयों, छह सहायता प्राप्त बालिका विद्यालयों और तीन वित्त विहीन बालिका विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाकर यह सुविधा दी गई है। बालिकाओं को ज्यादा दूर परीक्षा देने नहीं जाना पडेगा।
4500 परीक्षार्थी बढ़े
इटावा। जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा ने बताया कि इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में लगभग 4500 परीक्षार्थी बढ़े हैं। इस वर्ष हाईस्कूल में 24595 और इंटरमीडिएट में 21632 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण मानकों के अनुसार कर दिया गया है। सभी प्रधानाध्यापकों को परीक्षा केंद्र संबंधी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।