बकेवर। जनता कॉलेज में बीएससी कृषि के आठवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को मशरूम की खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मशरूम को कैसे की जाए, इसकी जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में पॉलीथिन में मशरूम के बीज के साथ संबंधित सामग्री को रखने के तरीके बताए गए।
प्रशिक्षण में बताया गया कि मशरूम किस-किस फसल अवशेष एवं पेड़ों की पत्तियों पर अथवा घास पर उगाया जा सकता है। उसकी लागत एवं लाभ का अनुपात क्या होगा। मॉड्यूल के कोर्स इंस्ट्रक्टर डॉ. मनोज यादव ने बताया कि नौ समूहों को नौ प्रकार के अवशेष पर ओयस्टर मशरूम की खेती कराई जा रही है। इसमें गेहूं का भूसा, धान का पराली, दलहनी फसलों का अवशेष, पार्थेनियम घास के अवशेष, अन्य घासों, अशोक, आम, पीपल-पाखर की पत्तियों पर मशरूम उगाकर उनकी लागत एवं लाभ के अनुपात की जानकारी दी जा रही है। बताया कि फसल अवशेष जलाना भी नहीं पड़ेगा। छात्र शिवम यादव, श्रेयस पाठक, प्रिया, सुचेता, आकाश, आदित्य कुमार, प्रवीन सिंह, प्रवीण कुमार, शिवांगी, शैलेंद्र कुमार एवं राजकुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।