दो दिनों से ठिठुरन भरी सर्दी ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। नौनिहालों को घने कोहरे के बीच स्कूल आना जाना पड़ रहा है। इस पर न तो स्कूल प्रबंधन ध्यान दे रहा है और न ही जिला प्रशासन।
29 नवंबर से शहर में अचानक ही मौसम ने करवट ली थी और उसके बाद से शहर की सड़कों पर कोहरे का पहरा है। बच्चों को सुबह जल्द उठकर स्कूल जाने के लिए तैयार होना पड़ रहा है। इसके बाद साइकिल, रिक्शे, आटो आदि में बैठकर घने कोहरे को चीरते हुए स्कूल तक कंपकपाते हुए स्कूल तक का सफर तय करना पड़ रहा है।
पिछले दो दिनों से कोहरे के साथ गलन और ठिठुरन ने बच्चों का बुरा हाल कर रखा है लेकिन इसके बाद भी अभी तक शहर के किसी भी स्कूल का समय नहीं बदला गया है। यही नहीं बच्चों के परिजन इस बात को लेकर परेशान हैं कि गलन भरी सर्दी में स्कूल आते जाते बच्चे जिला प्रशासन को भी नजर नहीं आ रहे हैं। अभी तक स्कूलों क ा समय बदलने के बारे में नहीं सोचा है। जबकि अन्य जनपदों में सर्दी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय में फेरबदल कर राहत दी है।
पांच दिन से शहर में कुछ ऐसा रहा तापमान
दिन न्यूनतम तापमान अधिकतम तापमान
03 दिसम्बर- 11 डिग्री सेल्सियस 26 डिग्री सेल्सियस
04 दिसम्बर 11 डिग्री सेल्सियस 26 डिग्री सेल्सियस
05 दिसम्बर 12 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस
06 दिसम्बर 11 डिग्री सेल्सियस 26 डिग्री सेल्सियस
07 दिसम्बर 10 डिग्री सेल्सियस 24 डिग्री सेल्सियस