नगरपालिका ने अब बिजली न होने पर भी सड़कों को रोशन रखने व निर्बाध पेयजल सप्लाई देने के लिए 1333.29 लाख की योजना तैयार की है। इसके लिए शहर में 30-30 किलोवाट की 10 यूनिट स्थापित किए जाने के साथ 6 सोलर वाटर पंप यूनिट की स्थापना की जाएगी। यूनिटों की स्थापना डा एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजन के तहत की जाएगी। इसके लिए शहर में जगह भी चिह्नित कर ली गई है। धनराशि आवंटन के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
नगरपालिका अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता संटू ने ये जानकारी दी। बताया कि शहर में योजना को तीन खंडों में विभाजित कर खाका तैयार किया गया है। योजना क ा पहला भाग 918 लाख की लागत से तैयार होगा। जिसमें 30 किलोवाट सोलर पावर प्लांट की 10 यूनिट लगेंगी। जिसमें पहली यूनिट यमुना पुल से कालीबांह होते हुए लुहन्ना चौराहा तक, दूसरी यूनिट लुहन्ना चौराहा से सरैया तिराह, पुलिस लाइन तिराहा, वन विभाग तिराहा होते हुए एसएसपी चौराहा तक, तीसरी यूनिट बलराम सिंह चौराहे से मैनपुरी फाटक होते हुए कनैरा तक, चौथी यूनिट इंजीनियरिंग कालेज से डीएम चौराहा, रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड तक, पांचवीं यूनिट शमशानघाट से टिक्सी मंदिर पचराहा, राजागंज होते हुए नगरपालिका चौराहा, छठी यूनिट नपा चौराहा से शास्त्री चौराहा तक होगी।
सातवीं यूनिट बलराम सिंह चौराहा से पक्का तालाब पुरबिया टोला राजागंज, बल्देव चौराह होते हुए साबितगंज तक, आठवीं यूनिट पक्का बाग एनएच तिराहा से तकिया चौकी जनाना अस्पताल से नपा चौराहा तक, नवीं यूनिट रामनगर फाटक से विजय नगर चौराहा,भरथना चौराहा होते हुए भर्थना रोड सीमा तक व दसवीं यूनिट मनोरंजन सदन रोड पर ओवर ब्रिज से सब्जी मंडी, फ्रेंडस कालोनी, विजयनगर चौराहा होते हुए पचावली रोड नगरपालिका सीमा तक होगी। योजना के दूसरे भाग में 69.36 लाख की लागत से 20 कि लोवाट सोलर पावर प्लांट की दो यूनिट लगेंगी। जो नगरपालिका परिषद कार्यालय के लिए और दूसरी फ्रेंडस कालोनी क्षेत्र के लिए लगाई जाएगी।
इसी प्रकार से 345.93 लाख की लागत से 35 एचपी सोलर वाटर पंप की 6 यूनिट लगेंगी। जिसमें सभी 6 नलकूप सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। जिसमें जीआईसी कालेज के निकट स्थित नलकूप, पक्काबाग सांईबिहार स्थित नलकूप, पोस्टमार्टम हाउस निकट स्थित नलकूप, जेल के पीछे स्थित नलकूप, करनपुरा स्थित नलकूप व लाला लाजपत राय स्कूल के निकट स्थित नलकूप शामिल हैं। श्री गुप्ता ने कहा कि इस योजना के शुरू होने के बाद बिजली की काफी बचत होगी और इससे शहर में बिजली संकट भी कम होगा।