उधारी पटाने को पिता से रुपये ऐंठने की मंशा से खुद के अपहरण की कहानी रचने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बारहवीं कक्षा के इस छात्र के खिलाफ पुलिस ने झूठी सूचना देकर गुमराह करने का मुकदमा दर्ज किया है।
पछायगांव थाना क्षेत्र के दंगलीपुरा गांव निवासी आशाराम ने आठ जून को दोपहर करीब तीन बजे थाना पुलिस को सूचना दी थी कि उसका 20 साल का बेटा दिग्विजय सिंह उर्फ कल्लू छह जून से लापता है।
उसकी गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने तलाश शुरू की। उसी दिन शाम करीब पांच बजे आशाराम ने पुलिस को बताया कि बेटे ने उसे अपने मोबाइल फोन से कॉल व व्हाट्सएप मैसेज करके फिरौती मांगे जाने की सूचना दी है।
एसपी आकाश तोमर ने एएसपी ग्रामीण व सीओ सिटी की अगुवाई में पछायगांव थानाध्यक्ष गगन कुमार गौड़, एसओजी प्रभारी सत्येंद्र यादव और सर्विलांस प्रभारी बीके सिंह की टीमें खोजबीन में लगाई।
पुलिस ने सर्विलांस और अन्य तरीकों से जानकारी जुटा कर मंगलवार रात करीब नौ बजे तक दिग्विजय की लोकेशन का पता लगा लिया। छह घंटे के अंदर भरथना चौराहे से उसे पकड़ लिया।
थानाध्यक्ष के अनुसार दिग्विजय ने बताया कि उस पर गांव के ही एक व्यक्ति को उधार के 10 हजार रुपये देने थे। इसलिए उसने खुद के अपहरण की कहानी बनाई थी। झूठी सूचना देकर गुमराह करने के आरोप में पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा है।