इटावा। नई मंडी के सरकारी क्रय केंद्र पर धान लदी ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ किसान को नौ दिन क्रय केंद्र प्रभारी रोके रहे। इस अवधि में दो बार तौल के लिए किसान को टोकन भी जारी किया गया।
मंगलवार को केंद्र प्रभारी ने सैंपल देखकर धान को रिजेक्ट कर दिया। दूसरे किसान के धान की भी छह दिन तौल नहीं हुई, इससे वह मंगलवार को अपनी उपज लेकर लौट गया।
कटैयापुर गांव के किसान विनोद कुमार ने बताया 50 क्विंटल धान बेचना है। ऑनलाइन पंजीयन कराने पर नई गल्ला मंडी में खुले पीसीएफ के खरीद केंद्र पर तौल के लिए 27 दिसंबर का टोकन मिला था।
ट्रैक्टर ट्रॉली में धान लेकर समय पर क्रय केंद्र पहुंच गए थे लेकिन उस दिन शाम तक तौल नहीं हो पाई। इससे टोकन निरस्त हो गया। दोबारा पंजीकरण कराने में 30 दिसंबर का टोकन मिला लेकिन दूसरी बार भी तौल नहीं की गई।
31 दिसंबर से क्रय केंद्र प्रभारियों की हड़ताल शुरू हो गई। क्रय केंद्र प्रभारी हड़ताल के बाद पंजीकरण और तौल का आश्वासन देते रहे। सोमवार को हड़ताल खत्म होने के बाद भी खरीद करने का आश्वासन दिया था।
मंगलवार को बोरियों से धान का सैंपल देखने के बाद रिजेक्ट कर दिया। किसान विनोद ने कहा कि नौ दिन में भाड़ा आदि में उनका काफी पैसा खर्च हो गया है। पहले बता देते तो इतना नुकसान तो न होता। अब आढ़त पर कम दाम में धान बेचेंगे।
गूजर झाल गांव के किसान विश्राम सिंह ने बताया 30 दिसंबर को धान बेचने का टोकन मिला था। करीब 35 क्विंटल धान ट्रैक्टर ट्रॉली में लेकर क्रय केंद्र पर पहुंच गए थे लेकिन तौल नहीं हुई। छह दिन बाद मंगलवार को भी धान नहीं खरीदा। यहां कोई सुनने वाला नहीं है। अब धान लौटाकर ले जाएंगे।
3688 किसानों से खरीद करने का दावा
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल का दावा है कि दो महीने में 3688 किसानों से 27 हजार 567 मीट्रिक धान खरीदा जा चुका है। चार अरब 16 लाख रुपये का भुगतान भी हो चुका है।
01 नवंबर से 27 केंद्रों पर खरीद की जा रही है। 28 फरवरी तक 42 हजार 200 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है।
पांच एजेंसियां खरीद रहीं हैं धान
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल ने बताया पांच एजेंसियां धान की खरीद कर रहीं हैं।
तीन जनवरी तक खाद्य विभाग ने 18525, पीसीएफ ने 1367, पीसीयू ने 6161, एफसीआई ने 434 व मंडी समिति ने 1078 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। चार दिन की हड़ताल के बाद सोमवार को करीब 700 क्विंटल धान खरीदा गया।
गेहूं का समर्थन मूल्य 55 रुपये बढ़ा
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल ने बताया कि शासन ने गेहूं का समर्थन मूल्य 55 रुपये बढ़ा दिया है। इस बार 2015 रुपये प्रति क्विंटल में गेहूं खरीदा जाएगा। पिछली बार 1960 रुपये में सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदा गया था। इस बार एक अप्रैल से गेहूं की खरीद की जाएगी।