इटावा। राज्य कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बुधवार को सभी कार्यालय बंद रहे। विकास भवन में तो रत्तीभर भी कामकाज नहीं हुआ। यहां मेन गेट पर कर्मचारियों ने ताला डाल दिया। आंदोलित कर्मचारी पूरे दिन लाउडस्पीकर लेकर नारेबाजी करते रहे और विभिन्न दफ्तरों में जाकर कर्मचारियों को हड़ताल में शामिल किया। कोषागार, डीएसओ और निर्वाचन कार्यालय खुला देख उसे बंद कराया। हड़ताल की जानकारी होने से फरियादियों की संख्या कम रही। हालांकि कलक्ट्रेट परिसर में कुछ पेंशन लाभार्थी दफ्तर बंद होने पर मायूस लौट गए। कमर्चरी नेताओं ने पहले दिन की हड़ताल को सफल होने का दावा किया है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय आह्वान पर कर्मचारी हड़ताल पर हैं। आंदोलित कर्मचारी सबसे पहले विकास भवन में एकत्रित हुए। यहां से कर्मचारियों को साथ लेकर मुख्य द्वार पर ताला डाल दिया गया। परिषद के जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्र की अगुवाई में कर्मचारियों का हुजूम लाउडस्पीकर पर नारेबाजी एवं प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा। यहां जिला कोषागार, आपूर्ति, निर्वाचन आदि कार्यालयों को खुला देखकर आंदोलित कर्मचारियों की भीड़ अंदर घुस गई और कामकाज बंद करवा दिया। कर्मचारी कलक्ट्रेट परिसर में घूमकर कर्मचारी एकता जिंदाबाद के नारे लगाते रहे।
कलक्ट्रेट स्थित दफ्तरों को बंद कराकर आंदोलित कर्मचारियों ने पीडब्ल्यूडी के सभी खंड दफ्तरों, नलकूप, सिंचाई, भूमि संरक्षण, सदर पशु चिकित्सालय, जलनिगम, एआरटीओ, डीएफओ विभागों में जाकर कर्मचारियों को साथ लिया। इस दौरान कुछ विभागों में कर्मचारी कार्य करते भी मिले। उन्हें कर्मचारी नेताओं ने हिदायत देते हुए साथ में ले लिया। यह आंदोलन तकरीबन तीन बजे तक चला।
उसके बाद सभी कर्मचारी विकास भवन पहुंचे और सभा की। कर्मचारियों का यह आंदोलन 11 व 12 अगस्त को भी चलेगा। इस दौरान अशोक द्विवेदी, प्रदीप सक्सेना, विजय बहादुर सिंह तोमर, कृपा शंकर सिंह यादव, रवींद्र सिंह गौर, अरविंद प्रताप धनगर, महेंद्र प्रताप सिंह, रामकरन शाक्य, अमित शुक्ला, राजीव यादव, पूरन सिंह, सोमेश अवस्थी, वीरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र कुमार, मोहम्मद इस्लाम, राजेश तिवारी, विशाल श्रीवास्तव, मनोज मिश्रा, देवेंद्र शाक्य, केके चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।