राज्य पोषण मिशन के तहत बच्चों का कुपोषण दूर करने को हो रहे प्रयासों का जायजा लेने के लिए पर्यावरण एवं पशुधन विभाग के विशेष सचिव सुरेंद्र सिंह यहां पहुंचे।
मिशन के जिला नोडल अधिकारी होने के नाते उन्होंने सबसे पहले डीएम के गोद लिए गांव कैस्त का रुख किया। यहां प्राइमरी विद्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बुलाकर बच्चों का ग्रोथ चार्ट देखा। गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन की जांच कराई। इसके बाद वह एक अन्य गांव हरकूपुर भी गए।
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान श्री सिंह ने कहा कि स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ देश की आधारशिला रख सकते हैं। इसके लिए बच्चों में कुपोषण को रोकना बेहद जरूरी है। उन्हें सही पोषण उपलब्ध कराना ही लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि कुपोषण के इलाज पर भारी-भरकम खर्च से बचाने के लिए ही राज्य सरकार ने मिशन चलाया हुआ है।
इस मिशन में आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य विभाग, पंचायती विभाग की सहभागिता है। सभी का लक्ष्य मिलकर कुपोषण को मिटाना है। कैस्त गांव में 13 अति कुपोषित बच्चे पाए जाने पर उन्होंने कहा कि यह संख्या ज्यादा है।
कहा कि जो बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र पर आते हैं, उन्हें सिर्फ पंजीरी बांट देने से काम नहीं हो जाता। बच्चों का टीकाकरण व वजन समय पर होना चाहिए। स्वास्थ्य परीक्षण भी होता रहे।
इस दौरान डीएम नितिन बंसल ने कहा कि सरकार के प्रयास से गांव स्तर पर ही इलाज आदि की व्यवस्था की जा रही है। इसका लाभ उठाएं। प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल की सहायता लें। जिससे गर्भवती महिलाओं की मृत्युदर में कमी लाई जा सके।
इस मौके पर सीएचसी चिकित्साधीक्षक डा. उमेश कुमार के नेतृत्व में गांव में ही स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। मलेरिया संक्रमण की रोकथाम के लिए महिलाओं के ब्लड नमूने लिए गए। गर्भवती महिलाओं को टीके लगाए गए।
निरीक्षण के समय सीडीओ डा. अशोक चंद्र, एसडीएम हंसराज यादव, एसीएमओ राजकुमार चौरसिया, प्रभारी डीपीओ मनोज कुमार, डीएसओ सत्यवीर सिंह, सीडीपीओ मोहम्मद जुनैद, ग्राम प्रधान राजकिशोर गुप्ता आदि मौजूद रहे।