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सपा के सामने पंचायतों में एकाधिकार बनाए रखने की चुनौती

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इटावा। जिले की आठ क्षेत्र पंचायतों में पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय तक सपा का दबदबा रहा। सैफई, जसवंतनगर, बसरेहर, ताखा और भरथना कुल चार क्षेत्र पंचायतें तो ऐसी हैं जो अभी तक अपराजेय रहीं हैं। बढ़पुरा, महेवा और चकरनगर में जरूर कभी भाजपा तो कभी सपा का दांव चलता रहा। ताखा में एक बार कांग्रेस काबिज रही परंतु भाजपा यहां कभी अपना वजूद कायम नहीं कर सकी। ताखा में एक बार को छोड़कर बाकी सभी चुनावों में सपा ही काबिज रही। वर्ष 1995 से लगातार 2015 तक के चुनावों में सपा ही सपा दिखाई देती रही।
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अब राजनीति की बयार बदलने से चुनाव का परिदृश्य भी पहली बार बदलने जा रहा है। सैफई सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो जाने से अब यहां 25 सालों से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के परिवार का एकाधिकार इस बार टूटने जा रहा है। वहीं अब अन्य ब्लाकों में अपनी स्थिति को बचाने में सपा को इस बार विरोधियों के अलावा अपनों की चुनौतियों का सामना भी करना पड़ेगा। प्रसपा और सपा के बीच चल रही जुबानी जंग का सेमीफाइनल पंचायत चुनाव होगा।
इस बार सबसे बड़ी चुनौती सपा के सामने है। सपा को भाजपा के अलावा प्रसपा से भी लड़ना पड़ सकता है। वैसे तो भरथना में पूर्व सांसद प्रदीप यादव और जसवंतनगर में प्रोफेसर बृजेश यादव के परिवार का ही एकाधिकार रहा है। इस बार देखना यह है कि इस एकाधिकार को भाजपा तोड़ पाती है या नहीं। भरथना में पूर्व सांसद प्रदीप यादव के भाई हरिओम यादव ब्लाक प्रमुख हैं। वे सपा में हैं।
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वहीं जसवंतनगर में प्रोफेसर बृजेश यादव के पुत्र अनुज यादव मोंटी ब्लाक प्रमुख हैं। वे इस समय शिवपाल सिंह यादव के नजदीकी होने के कारण प्रसपा में हैं। तीसरी सीट बसरेहर की है। जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव के फूफा डॉ. अजंट सिंह यादव ब्लाक प्रमुुख हैं। इस बार जसवंतनगर को सामान्य महिला, भरथना को अन्य पिछड़ा वर्ग और बसरेहर को अनारक्षित की श्रेणी में रखा गया है। इन तीनों सीटों पर पुराने प्रत्याशी फिर से मैदान में आ सकते हैं। उनके लिए आरक्षण बदल जाने से कोई समस्या नहीं है। जसवंतगनर, ताखा, भरथना और बसरेहर में सपा और प्रसपा के बीच अगर जोर आजमाइस होने लगी तो मुकाबला काफी रोचक और दूरगामी नतीजों वाला होगा।
भाजपा ने पूर्व में बढ़पुरा, चकरनगर, महेवा में समय समय पर अपने प्रत्याशी जिताए। यहां भाजपा और सपा के बीच कभी हम तो कभी तुम का दौर चलता रहा। अब इन सीटों पर भाजपा पूरी ताकत लगाएगी। बढ़पुरा को अन्य पिछड़ा वर्ग, महेवा को अनुसूचित जाति, ताखा को अन्य पिछड़ी जाति महिला और चकरनगर को अनारक्षित की श्रेणी में रखा गया है। यहां भाजपा अपना जातीय समीकरण फिट करने की कोशिश करेगी। इस बार का ब्लाक प्रमुख चुनाव काफी दिलचस्प और रोचक होगा।
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