फोटो 35:::शास्त्री चौराहे पर प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता। स्रोत स्वयं
इटावा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदर्शन हुआ। सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार दोपहर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग की। इंडिया ब्लॉक के नेता नई दिल्ली में चुनाव आयोग के सामने प्रदर्शन करने जा रहे थे। इसी दौरान अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली। उनके गृह जिले इटावा में सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। सपा कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस के पदाधिकारी और प्रतिनिधि भी धरने में शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने हिरासत में लिए जाने को लोकतंत्र की आवाज दबाने की कार्रवाई बताया। उन्होंने रिहाई तक धरना जारी रखने का एलान किया।
भरथना विधायक राघवेंद्र गौतम ने हिरासत में लिए जाने को लोकतंत्र पर हमला कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। सपा प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने कहा कि रिहाई न होने पर जनता सड़कों पर उतरेगी। सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने बताया कि इंडिया ब्लॉक के नेता चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह ने सपाइयों को समझाकर शांत कराया। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता, पूर्व नगर अध्यक्ष वसीम चौधरी, बृजमोहन राजपूत, कांग्रेस नेता कोमल कुशवाह, सपा मीडिया प्रभारी विकास गुप्ता आदि मौजूद रहे।