धान की रोपाई और खरीफ के फसलों की बुवाई के समय डीजल का दाम आसमान छू रहा है। इससे किसानों में आक्रोश है।
निवाड़ीकला और महेवा क्षेत्र के किसानों ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड से लोन लेकर किसी तरह बुवाई कर रहे हैं।
डीजल का दाम बढ़ने से जुताई और सिंचाई के लिए करीब 30 फीसदी ज्यादा पैसा देना पड़ रहा है। इसके बाद खाद की खरीद कैसे करेंगे इसकी चिंता सता रही है।
किसान अरुण शर्मा ने कहा कि हम लोगों को निजी ट्यूबवेेल से भरवाई करवानी पड़ती है। जुताई जो 600 रुपये थी प्रति बीघा थी अब 800 के करीब पहुंच रही है।
किसान नरेश तिवारी का कहना है कि सिंचाई और जुताई पर इतना खर्च हो रहा कि खाद, बीज खरीदने के पैसे नहीं बचेंगे।
नगला भदौरिया के किसान संजय परिहार का कहना है कि किसान तो पहले ही कर्ज से परेशान है। डीजल का दाम बढ़ने से और चिंता हो गई। सरकार को इनके दामों में कमी करनी चाहिए।
निवाड़ीकला निवासी किसान ओमप्रकाश पाल का कहना है फसल की कटाई के वक्त मजदूर मंहगे मिलते हैं। डीजल के दाम बढ़ने से फसलों की बुवाई की ही समस्या खड़ी हो गई।
किसान रणवीर सिंह ने बताया कि एक ओर तो रजवाह में पानी देरी से छोड़ा गया। इससे धान की नर्सरी डालने में निजी नलकूप का सहारा लेना पड़ा। पिछले कई दिनों से डीजल के मूल्य भी बढ़ रहे है। ऐसे में खेतीबाड़ी करना अब काफी महंगा हो गया है।