फोटो 26::::::बिजौली प्राथमिक केंद्र पर लगा ताला। संवाद
फोटो 27::::::प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धनुवा पर खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद
- बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए लगाए जा रहे आरोग्य मेलों में भी डॉक्टरों और स्टाफ की हीलाहवाली
संवाद न्यूज एजेंसी
जसवंतनगर/बकेवर। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को साप्ताहिक अवकाश के दिन भी स्वास्थ्य सेवाएं मिलने के उद्देश्य से सरकार की ओर से रविवार को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले का आयोजन कराया जा रहा है। इसमें भी अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते डॉक्टर और स्टाफ लगातार लापरवाही कर रहे हैं। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धनुवा पर लगे आरोग्य मेला में बिना डॉक्टर के ही फार्मासिस्ट के मरीजों को देखा गया। कुल 23 मरीज आए। इसमें बुखार, त्वचा रोग तथा हाईपरटेंशन संबंधित थे। वहां तैनात डॉक्टर 12 बजे तक अस्पताल में नहीं पहुंची। वहां मौजूद ग्रामीण जयपाल सिंह, सुरेश कुमार, श्याम सिंह आदि ने बताया यहां डॉक्टरों का रवैया ठीक नहीं हैं।
आए दिन अस्पताल आते नहीं है और आते भी हैं। अगर तो 12 बजे के बाद आते हैं। फार्मासिस्ट शैलेंद्र कुमार तथा देवेंद्र कुमार मौके पर मौजूद थे। उन्होंने ही मरीजों को देखा तथा दवाइयां दीं। वहीं बकेवर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो बजे ही ताला लटक गया था। ग्रामीणों ने पूछने पर बताया कि अक्सर आरोग्य मेले के दिन एक या दो बजे तक बंद हो जाती है। एसीएमओ डॉ. बीएल संजय ने बताया कि यदि लोग लापरवाही बरती जा रही है तो जांच कराकई उक्त के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बुखार और खुजली के मरीज सबसे ज्यादा आए
भरथना। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के तहत हथनोली गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 22 मरीज पहुंचे। पीएचसी पर मौजूद डॉ. स्वेता गुप्ता ने बुखार,खुजली आदि विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजो को सलाह दी गई। फार्मासिस्ट मनोज कुमार ने दवाईं बांटी। लेब टेक्नीशियन अनुपस्थित होने की वजह से जांचें नहीं हो सकीं। कुसुना गांव की कमलेश कुमारी का कहना है कि पिछले दिनों से बुखार आने पर दवा लेने आई हूं। हथनोली गांव के बुजुर्ग विद्याराम ने बताया कि वह शरीर मे खुजली की शिकायत होने पर डॉक्टर को दिखाने आए हैं।