पार्टी कार्यालय पर प्राथमिक सदस्यता की पर्ची लेते प्रो. राम गोपाल यादव।
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सपा महासचिव प्रोफेसर राम गोपाल यादव ने पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव को अध्यक्ष पद सौंपे जाने की शिवपाल की मांग पर तंज कसे। कहा कि शिवपाल ने सपा का संविधान ठीक से पढ़ा होता तो ऐसी मांग नहीं करते। उन्होंने कहा कि शिवपाल अभी सपा के सदस्य भी नहीं बने हैं। ऐसी स्थिति में इतनी बड़ी बात करना भी बेमानी है।
प्रो. यादव रविवार को सिविल लाइंस स्थित पार्टी कार्यालय पर पहुंचे थे। उन्होंने पार्टी के सदस्यता अभियान के तहत जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के हाथों प्राथमिक सदस्यता की रसीद प्राप्त की व अन्य लोगों को प्राथमिक सदस्यता की रसीद काटी। इस मौके पर पत्रकार वार्ता में प्रो. यादव ने कहा कि जनरल बॉडी ने सर्वसम्मति से अखिलेश यादव को अध्यक्ष बनाया है। अब यदि खुद अखिलेश अध्यक्ष पद साैंपना चाहें (मुलायम सिंह यादव को) तो भी यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि 15 जून को सदस्यता अभियान समाप्त होने के बाद 30 सितंबर से पहले जिला व प्रदेश स्तर की इकाइयों का गठन पूरा कर लिया जाएगा। अगली जनरल मीटिंग में अखिलेश यादव के दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की संभावना है। शिवपाल पर टिप्पणी की कि यदि उन्हें कुछ करना है तो पहले वह भी सदस्य बनें। पुरानी बातों का जिक्र करते हुए कहा कि इलेक्शन कमीशन के पास पहले नेता जी (मुलायम सिंह यादव) गए थे। अखिलेश ने तो पार्टी बचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि नेता जी को गुमराह करके पार्टी का नुकसान पहुंचाया गया है। यह पूछे जाने पर कि खुद अखिलेश यादव ने चुनाव बाद पार्टी की बागडोर नेताजी को सौंपे जाने की बात कही थी। अब इस पर अमल क्यों नहीं करते, प्रो. यादव ने कहा कि जब समय था तब नेताजी ने अखिलेश की बात नहीं मानी। अब इसे दोहराने से क्या फायदा है। महागठबंधन के सवाल पर कहा कि पार्टी अध्यक्ष ही इस संबंध में कुछ कह सकते हैं। इसके पूर्व रविवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रो. यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। हालांकि अखिलेश ने इसे सामान्य मुलाकात बताया।