इटावा। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम पारुल श्रीवास्तव ने एक व्यक्ति को गोली मारकर घायल करने व उसके पास से नकदी लूट ले जाने के आठ साल पुराने मामले में दो लोगों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का अर्थ दंड से भी दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने बताया कि जसंवनगर थाना क्षेत्र के गांव नगला अनिया निवासी मनोज कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया कि 26 मई 2015 को उसका भाई बाबू राम किसी काम से हेवरा कोठी गया था।
वहीं पर उसके ही गांव के रिंकू व शिवम निवासी नगला छविनाथ से उसका विवाद हो गया। विवाद के समय दोनों नशे में थे। दोनों ने उसके भाई को देख लेने की धमकी दी थी। उसके भाई ने परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी थी। 27 मई को उसका भाई किसी काम से बाइक से छिमारा गया था।
लौटते समय रिंकू व शिवम ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर भाई बाबू राम को रोक लिया और गाली गलौज करते हुए गोली मार दी। गोली लगने से वह घायल होकर गिर पड़ा। बाद में उक्त लोग उसकी जेब में पड़े रुपये व घड़ी लूट ले गए थे। पुलिस ने छानबीन के बाद पुलिस ने रिंकू व शिवम के खिलाफ हत्या के प्रयास व लूट की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए थे।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक की ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने रिंकू व शिवम को सजा सुनाई गई।