इटावा। चोरी की नीयत से घर में घुसकर वृद्ध की पिटाई करने और इलाज के दौरान मौत के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक अखिलेश कुमार ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन के अनुसार 13 जनवरी 2024 की रात करीब नौ बजे बकेवर थाना क्षेत्र के नसीरपुर बोझा गांव में ग्रीश एक अन्य व्यक्ति के साथ चोरी की नीयत से ऋषि कुमार के घर में घुसा था। घर में मौजूद ऋषि के पिता विनोद कुमार ने दोनों को देख लिया और विरोध किया। आरोप है कि ग्रीश ने लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से विनोद की पिटाई कर दी। बीच-बचाव करने आए परिजनों के साथ भी मारपीट की गई और आरोपी धमकी देकर भाग गया। हमले में विनोद के सिर, छाती, गले और हाथ समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं।
उन्हें महेवा सीएचसी से जिला अस्पताल और बाद में आयुर्विज्ञान विवि रेफर किया गया। इलाज के दौरान 23 जनवरी 2024 को उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे ऋषि की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने नौ गवाहों के साथ चिकित्सकीय और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने धारा गैर इरादतन हत्या में सात साल, जबकि अन्य धाराओं में भी कारावास की सजा सुनाई, जो साथ-साथ चलेंगी। दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय कारागार भेजने के निर्देश दिए गए हैं।