बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद फसल से दुखी एक और किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह वह खेत पर गया था जहां अचेत हो गया। घरवाले उसे अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में दम तोड़ दिया। किसान की मौत की खबर से अफसरों में हड़कंप मच गया।
आननफानन में एसडीएम सदर गांव पहुंचे और छानबीन की। परिजनों का कहना था कि किसान पर करीब पांच लाख का कर्ज था जिसे लेकर वह परेशान रहता था। बीते दिनों बारिश और ओलावृष्टि के बाद फसल के बर्बाद होने से वह विचलित था।
चौबिया थाना क्षेत्र के गांव राहिन निवासी बृजमोहन शाक्य (35) पुत्र स्व. राधेश्याम शुक्रवार की सुबह अपने खेतों पर गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह अपनी फसल को देख ही रहा था कि अचानक अचेत होकर गिर पड़ा। लोगों ने इसकी सूचना उसके परिजनों को दी।
परिजन उसे लेकर अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। रास्ते में बृजमोहन ने दम तोड़ दिया। बृजमोहन की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भाई अवनीश ने बताया कि बृजमोहन पूरी तरह से खेती पर निर्भर। उसके पास एक एकड़ जमीन थी।
जिसमें उसने गेहूं, आलू और लहसुन की फसल बोई थी। हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई। बृजमोहन बर्बाद फसल को देखकर काफी परेशान था। वह सुबह खेत पर गया और बर्बाद फसल को देखा तो सदमा से हार्टअटैक हो गया।
भाई ने बताया कि बृजमोहन के ऊपर करीब पांच लाख रुपये का साहूकारों का कर्जा था। बड़ी बेटी की उम्र भी शादी के लिए हो गई है। कर्जा और बेटी की शादी की चिंता के चलते वह पहले से परेशान रहता था। किसान की मौत की खबर मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि उन्होंने खेतों पर जाकर फसलों का मुआयना किया। फसलों में नुकसान नहीं हुआ था। ऐसा लग रहा है कि किसान की मौत हार्ट अटैक से हुई है। परिवारीजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
कैसे होगा परिवार का भरण पोषण
मृतक बृजमोहन शाक्य की गृहस्थी अभी कच्ची ही है। वह खेतीबाड़ी करके परिवार का भरण पोषण करता था। उसकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मृतक के भाई अवनीश शाक्य ने बताया कि बृजमोहन के परिवार में पत्नी सीमा के अलावा बेटी वर्षा (14), उमा (10), जूली (8) तथा दो बेटे संपत (8) और ध्रुव (6) हैं।