पंचायत चुनाव के लिए सीटों के आरक्षण की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। 30 अगस्त को शासन के निर्देशानुसार आरक्षण का आधार अब ओबीसी परिवारों की संख्या को न रखकर जनसंख्या को बनाया जा रहा है। इस परिवर्तन से वार्डों में ओबीसी की संख्या में फेरबदल होगा। जिसका असर ओबीसी आरक्षण के लिए चयनित होने वार्डों पर पड़ने की संभावना है।
अब तक ओबीसी आरक्षण के लिए वार्डों के चयन का आधार परिवारों की संख्या रखी गई थी। इसी आधार पर ग्राम, क्षेत्र व जिला पंयायत सदस्य और ग्राम प्रधान की ओबीसी सीटें आरक्षित की गई थी। इसकी सूची भी तैयार कर ली गई थी। इस सूची को ही 31 अगस्त को अनंतिम प्रकाशन के लिए जारी किया जाना था।
शासन ने न सिर्फ 31 अगस्त को आरक्षण सूची के प्रकाशन पर रोक लगा दी बल्कि ओबीसी सीटों के आरक्षण की चयन प्रक्रिया में बदलाव किया है। शासनादेश मिलने के बाद पंचायतराज विभाग इस संशोधन को करने में जुट गया है। जो वार्ड परिवार संख्या के आधार पर आरक्षित हुए थे।
संभव है कि ओबीसी जनगणना के आधार पर उनमें कोई फेरबदल हो जाए। मसलन कोई वार्ड यदि ओबीसी परिवारों की संख्या के आधार पर आरक्षण सूची में स्थान पा चुका है। अब उसी वार्ड की आरक्षण प्रक्रिया वहां ओबीसी जनसंख्या के आधार पर पूरी की जाएगी। बहरहाल इस संशोधन के बाद अब सभी वर्गों के आरक्षण की सूची आगामी दो सितंबर अनंतिम रूप से प्रकाशित की जाएगी। जिस पर आपत्तियां मांगी जाएंगी।