झोपड़ी में लगी आग की लपटों में घिरी तीन साल की मासूम चचेरी बहन को बचाने के लिए शुक्रवार को आग में कूदे सात साल के साहसी बालक की भी मौत हो गई। बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और बालक की अस्पताल में जान निकली।
दो बच्चों की दर्दनाक मौत की खबर जिसने भी सुनी उसकी ‘आह’ निकल गई। बच्चों के मां-बाप उन्हें घर पर छोड़कर मजदूरी करने गए थे। अग्निकांड में झोपड़ी में रखे सामान के साथ एक बकरी भी जलकर मर गई।
भरथना थानाक्षेत्र के सीहूपुर ग्राम के समीप नगला डेरा में कुछ मुस्लिम रहते हैं। गरीब मुसलमानों ने वहां पर झोपड़ियां बना ली हैं। शुक्रवार को दोपहर में अमरील खां उर्फ धारू पुत्र दौलत खां अपनी पत्नी नाजरा बेगम के साथ गांव के पास एक विद्यालय में मजदूरी करने गया था। अमरील बेटी प्रीतो को अपने भाई कालू खां के पास छोड़ जाता था।
दोपहर में प्रीतो और कालू खां का सात का बेटा उम्मान खेलते हुए अमरील की झोपड़ी में आ गए। इसी बीच दोपहर में अचानक उसकी झोपड़ी में आग लग गई। प्रीतो झोपड़ी में फंस गई। प्रीतो को आग की लपटों में घिरा देख कालू खां का लड़का उस्मान अली झोपड़ी में घुस गया। वह प्रीतो को बाहर निकालकर ला पता इससे पहले ही तेज हवा चलने से आग ने विकराल रूप ले लिया।
दोनों बेसुध होकर अंदर ही गिर पड़े। इस बीच गांव वालों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। तब तक झोपड़ी के अंदर प्रीतो की जलने से मौत हो चुकी थी जबकि उस्मान अली गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे सैफई मेडिकल कालेज भेजा गया, जहां पर उसकी भी मौत हो गई। आसपास पक्के मकान होने से आग और नहीं बढ़ पाई।
ग्रामीणों और दमकल की कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझ सकी। दो बच्चों की दर्दनाक मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। वहीं हर जगह उस्मान की बहादुरी के चर्चे हो रहे हैं। दिबियापुर के सपा विधायक प्रदीप यादव और एसडीएम अशोक कुमार मौर्य व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रीतो और उस्मान के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का चेक दिया गया।
उस्मान के साहस को सलाम
भरथना (इटावा)। सीहपुर गांव के नगला डेरा में हुए भीषण अग्निकांड में दो बच्चों की मौत से पूरा गांव गहरे गम में डूब गया है। आग की लपटों से घिरी झोपड़ी में फंसी तीन साल की चचेरी बहन को बचाने की जद्दोजहद में सात वर्षीय उस्मान की मौत से गांव का हर शख्स गमजदा है।
शुक्रवार दोपहर अमरील खां उर्फ धारू अपनी पत्नी नाजरा बेगम के साथ गांव के पास विद्यालय में मजदूरी करने गया था। अमरील बेटी प्रीतो को अपने भाई कालू खां के पास छोड़ जाता था। दोपहर में प्रीतो और कालू खां का सात का बेटा उम्मान खेलते हुए अमरील की झोपड़ी में आ गया। अचानक झोपड़ी में आग लगने से प्रीतो उसमें फंस गई।
प्रीतो को झोपड़ी के अंदर जाते उस्मान ने देख लिया। आग की लपटों से घिरी झोपड़ी में फंसी दहशतजदा प्रीतो की चीख सुन कर उस्मान उसे बचाने के लिए जलती झोपड़ी में घुस गया। आग की लपटें तेज होने से उस्मान प्रीतो को जलती हुई झोपड़ी से नहीं निकाल सका। इस बीच वह भी आग से घिर गया।
परिजन और ग्रामीण उस्मान को पीएचसी लेकर गए। यहां डाक्टरों ने उसे रिम्स रेफर किया जहां उसने आखिरी सांस ली। उसकी जिंदगी बचने की दुआ कर रहे गांववालों को जब उस्मान की मौत की खबर मिली तो गांव गम में डूब गया। बाद में गांव वाले उसे याद करते रहे।
मौत पर दिए गए चार-चार लाख के चेक
आग से दो बच्चों की मौत की सूचना पर दिबियापुर के सपा विधायक प्रदीप यादव समेत एसडीएम अशोक कुमार मौर्य व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रीतो के परिजनों को चार लाख रुपये बच्ची की मौत और तीन हजार रुपये बकरी के मरने पर चेक दिया गया। इसी प्रकार उस्मान के परिजनों को भी चार लाख रुपये का चेक दिया गया।
इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख हरिओम यादव, तहसीलदार सुभाष चंद्र यादव, नायब तहसीलदार एसएन पंडेय, क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र सिंह, सीएमएस डा. सतेंद्र यादव, थाना प्रभारी बलवीर सिंह यादव, क्षेत्रीय लेखपाल अरविंद तिवारी, अनिल श्रीवास्तव, आरके बाबू भारत सिंह, प्रधान राजकुमार यादव, सपा नेता रिंकू यादव, भोला सिंह यादव मौजूद रहे।
मुडैना मल्हौसी में चार घरों में आग से लाखों का सामान राख
भरथना (इटावा)। स्थानीय ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुडैना मल्हौसी के मजरा ग्राम मंदिर के चार घरों के छप्परों में आग से लाखों का सामान जलकर राख हो गया। फायर ब्रिगेड जब तक पहुंची तब तक गांव वाले तबाह हो चुके थे।
गांव निवासी रामवीर पुत्र बृजकिशोर, लाखन सिंह पुत्र हाकिम सिंह, साहूकार सिंह पुत्र हुलासी राम, सूरज सिंह पुत्र वालादीन के मकानों में आग लगने से गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। आग की सूचना पर मौके पर पहुंची दमकल व ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया।
14 बीघा की फसल जलकर राख हुई
इटावा। अलग-अलग जगह आग लगने से 14 बीघा की फसल जलकर राख हो गई। बसरेहर थाना क्षेत्र के लाखापुर गांव में आग लगने से आठ बीघा की फसल जलकर राख हो गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंच गई थी लेकिन तब तक आग पर काबू पाया जा चुका था। लाखापुर गांव में शुक्रवार की दोपहर को अचानक खेतों में रखे गेहूं में आग लग गई।
आग ने देवकुंअर के खेत में रखी फसल को भी चपेट में ले लिया। लपटें उठती देख लोग आग पर काबू पाने में जुट गए और फायरबिग्रेड को भी सूचना दी। काफी मशक्कत के बावजूद आग बुझी। तब दमकल की गाड़ी पहुंची तब तक आग बुझाई जा चुकी थी। अग्निकांड में आठ बीघा गेहूं जलकर राख हो गया।
चकरनगर थाना क्षेत्र के गांव मानपुरा में गुरुवार को खलिहान में रखी गेहूं की फसल में आग से 6 बीघा खेती का गेहूं जलकर राख हो गया। फायर ब्रिगेड ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। मानपुरा निवासी सुधीर त्रिपाठी के चार बीघा और शिवकुमार कठेरिया के दो बीघा खेत का कटा हुआ गेहूं बगिया के पास खलिहान में रखा हुआ था।
गुरुवार को सुबह अचानक उसमें आग लग गई। लपटें देख गांव वाले खेतों की ओर दौड़े और आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे। साथ ही दमकल विभाग को भी सूचना दी। फायर ब्रिगेड जब तक मौके पर पहुंची तब तक खलिहान में रखी गेहूं की फसल जलकर राख हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम चकरनगर प्रमोद कुमार तिवारी थानाध्यक्ष चकरनगर संजय सिंह मौके पर पहुंच गए थे। प्रशासन ने नुकसान का आकलन किया है। भुक्तभोगी सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि आग कैसे लगी इसकी जानकारी नहीं है। आशंका जताई कि शायद किसी ने जलती बीड़ी डाल दी होगी।
ग्रामीणाें ने बताया कि तहसील स्तर पर आग पर काबू पाने की कोई व्यवस्था नहीं है। जब तक इटावा से गाड़ी आती है तब तक सब कुछ राख हो चुका होता है। चकरनगर तहसील मुख्यालय पर दमकल की व्यवस्था कराने की मांग कई बार प्रशासन से की जा चुकी है पर नतीजा सिफर है।
आग से कंप्यूटर सिस्टम जला
बकेवर/इटावा। लखना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थित राजपुर सीएचसी के कंप्यूटर कक्ष में आग लगने से सिस्टम एवं अन्य दस्तावेज जलकर राख हो गए। आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है।
कस्बा लखना स्थित सामुदिक स्वास्थ्य केंद्र के एक कमरे में राजपुर सीएचसी का प्रबंधन कार्यालय खुला है। चूंकि राजपुर में ब्रॉडबैंड सेवा नहीं है। इसलिए कंप्यूटर सिस्टम यहां स्थापित किया गया है। गुरुवार रात करीब एक बजे इस कमरे में अचानक आग लग गई।
धुंआ उठता देख अस्पताली कर्मियों ने कक्ष प्रभारी गोपाल नारायन और फायर ब्रिगेड को फोन से सूचना दी। जब तक दमकल की गाड़ी पहुंचती। लोगाें ने आग पर काबू पा लिया था लेकिन तब तक कंप्यूटर सिस्टम और अन्य कागजात जलकर राख हो चुके थे। यह आग शार्ट सर्किट से लगना बताई जा रही है।
उधर जलने के घायल हुई बालिका की मिनी पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई। सैफई के टिमरूआ निवासी नरेंद्र की 7 साल बेटी साविरा जलने से घायल हो गई थी उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया था जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है।