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सैफई चिकत्सि विवि में क्वारंटीन नहीं किए जाएंगे संदिग्ध

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फोटो संख्या 21: प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने चिकित्सा विवि सैफई में कोरोना जांच और इलाज की समीक्षा की। बैठक में कुलपति डॉ. प्रो. राजकुमार, जिलाधिकारी जेबी सिंह, सीडीओ राजा गणपति आर और सीएमओ डॉ. एनएस तोमर भी मौजूद रहे।
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सैफई चिकित्सा विवि में क्वारंटीन नहीं किए जाएंगे संदिग्ध
- समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने दिए निर्देश, एसडीएम डिग्री कॉलेजों में करें व्यवस्था
- चिकित्सा विवि में तैनात किया जाएगा मजिस्ट्रेट
अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में कोरोना के संदिग्ध मरीजों को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। संदिग्ध मरीजों के लिए एसडीएम अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में डिग्री कॉलेजों में क्वारंटीन केंद्र बनाएं। ये निर्देश प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डा. रजनीश दुबे ने बुधवार को विवि में समीक्षा बैठक में दिए।
डीएम से कहा कि विश्वविद्यालय के आसपास के ज्यादातर गेस्ट हाउस में कोरोना अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों को क्वारंटीन करने के लिए उपलब्ध कराएं। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने कहा कि चिकित्सा विवि में बनाए गए कोरोना अस्पताल के प्रत्येक वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही प्रत्येक वार्ड में एक मोबाइल फोन भी रखा जाए। वार्ड की 24 घंटे कंट्रोल रूम से मानीटरिंग होनी चाहिए। कोरोना से लड़ने के लिए प्रोटोकॉल और गुणवत्ता नियंत्रण का पालन जरूरी है।
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डॉ. दुबे ने कहा कि विश्वविद्यालय में मजिस्ट्रेट की तैनाती जरूरी है, जो मरीजों की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी होगा। मजिस्ट्रेट की तैनाती से विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय भी हो सकेगा। चिकित्सा विवि में अब आसपास जिलों के केवल लेवल-3 के मरीज ही रेफर किए जाएंगे। इसके निर्देश जिलों के जिलाधिकारी व सीएमओ को दिए जा चुके हैं। मरीजों को यहां रेफर करने से पहले प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा का अनुमोदन और कुलपति व जिलाधिकारी इटावा से क्लियरेंस लेना जरूरी कर दिया गया है।
इसके बाद मरीज विवि में तैनात मजिस्ट्रेट की निगरानी में एमओ के साथ एंबुलेंस से लाया जा सकेगा। समीक्षा बैठक में कुलपति प्रो.डॉ. राजकुमार, प्रतिकुलपति डॉ. रमाकांत, जिलाधिकारी इटावा जेबी सिंह, सीडीओ राजा गणपति आर, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. आलोक दीक्षित, वित्त नियंत्रक गुरुजीत सिंह कलसी, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार, नोडल अधिकारी डॉ. रमाकांत रावत आदि मौजूद रहे।
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उत्तर प्रदेश में कोरोना से मृत्युदर 2.2 प्रतिशत
इटावा। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने समीक्षा बैठक में बताया कि उत्तर प्रदेश में कोरोना मरीजों की मृत्यु दर 2.2 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 3.3 प्रतिशत है। सबसे अधिक मृत्यदर पश्चिम बंगाल में तो 9 प्रतिशत है। सबसे अधिक आबादी होने के बावजूद उत्तर प्रदेश ने कोरोना पर नियंत्रण में काफी सफलता रहा है। प्रमुख सचिव ने विवि में कोरोना से जंग के लिए बनी सभी समितियों और विभागाध्यक्षों की भी तरीफ की।
इनसेट
जल्द शुरू होगी टेली मेडिसिल सेवा
समीक्षा बैठक में कुलपति प्रो. डॉ. राजकुमार ने बताया कि चिकित्सा विवि में जल्द ही टेली मेडिसिन सेवा शुरू की जा रही है। इसके बाद आसपास जिलों के अन्य मरीजों को इलाज में समस्या नहीं आएगी। आरओ प्लांट ट्रामा और इमर्जेंसी भवन के भूतल पर जल्द ही अलग-अलग कोरोना और अन्य मरीजों का नियमित डायलिसिस भी शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए डायलिसिस टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कर रहे अंतिम वर्ष के 14 छात्रों को बुलाया जा रहा है। प्रमुख सचिव ने हेल्थ केयर वर्कर्स के वेंटिलेटर ट्रेनिंग पर जोर दिया। प्रमुख सचिव ने नर्सिंग कोर्स पूरा कर घर जा चुके 114 नर्सिंग स्टाफ को तत्कल बुलाकर विशेष प्रशिक्षण देकर काम पर लगाने को भी कहा। नर्सिंग स्टाफ में 60 बीएससी नर्सिंग और 54 जीएनएम के स्टूडेंट हैं।
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