इटावा। सैफई रोडवेज डिपो से नौ लाख 34 हजार रुपये से भरी डेढ़ क्विंटल वजनी तिजोरी चोरी करने वाले 12 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। वहीं, परिवहन विभाग चोरी के मामले में कैशियर को निलंबित कर चुका है। डिपो के केंद्र प्रभारी के तीन नामजद कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के बाद भी पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर पाई है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम सैफई डिपो कार्यशाला से इटावा, मैनपुरी, आगरा, लखनऊ व दिल्ली तक बसे संचालित होती हैं। दिवाली के चलते लगातार बस संचालित हो रही थीं। बसों की आमदनी डिपो के कैश रूम में जमा की जा रही थी। 12 नवंबर को दीपावली पर वहां तैनात कैशियर फरमान सिद्दीकी ने कर्मचारियों के साथ शाम को कैशरूम बंद करके चले गए। उसी रात चोरी की घटना को अंजाम दिया गया।
मुख्यालय से भेजी गई जांच टीम की रिपोर्ट के बाद कार्यशाला में कार्यरत कैशियर फरमान सिद्दीकी निवासी मोहल्ला कटरा शमसेर खां सदर कोतवाली को निलंबित कर किया जा चुका है। डिपो के केंद्र प्रभारी शांतिस्वरूप ने कैशियर फरमान, गन मैन विनोद कुमार व गार्ड अवनीश कुमार के खिलाफ सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग करने का मुकदमा दर्ज कराया। एसएसपी ने खुलासे के लिए स्थानीय पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया है। लेकिन पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है। थाना प्रभारी मोहम्मद कामिल ने बताया कि संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।