इटावा। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण का लक्ष्य मियाद के तीन माह बाद भी पूरा नहीं हो पा रहा है। कहीं बजट के अभाव में काम की गति मंद है तो कहीं आधा काम ही हो सका है। ऐसे में लोगों को ऊबड़ खाबड़ मार्गों पर हिचकोले खाते सफर करना पड़ रहा है।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से सितंबर 2022 तक ग्रामीण इलाकों में सड़कों का निर्माण पूरा करना था। इनमें छह प्रमुख मार्गों का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। विभाग की ओर से महेवा, बढ़पुरा, भरथना में सड़कों के निर्माण के लिए 2021 में स्वीकृति मिल गई थी। काम शुरू हुआ तो बजट का अड़ंगा लग गया। समय सीमा के बाद भी सड़कों का काम पूरा न होने से लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
दूसरी किस्त नहीं मिली, कैसे हो इंटरलॉकिंग
बकेवर। बकेवर देहात ग्राम पंचायत के मुख्य गांव नसीदीपुर में डेढ़ किमी लंबे एक मार्ग पर इंटरलॉकिंग का काम होना है। पंचायत भवन से लेकर हर्राजपुर नसीदीपुर रोड गांव आकर मिलती है। कार्य को 81 लाख की लागत से कराया जाना था, लेकिन दूसरी किस्त न मिलने से काम अधर में लटका है। 300 मीटर की दूरी में ही काम हुआ है। ठेकेदार काम तो कर रहे हैं, लेकिन गति बहुत धीमी है। (संवाद)
लखना सिंडौस मार्ग आधा ही बन सका
चकरनगर। लखनऊ-सिंडौस मार्ग से नगला मनसेपुरा तक सीसी रोड का निर्माण कराया जाना है। 1.57 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, पर सिर्फ 78 लाख रुपये की धनराशि ही अवमुक्त हो सकी। इससे आधी सड़क का निर्माण हो सका। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही काम पूरा करा लिया जाएगा। ठेकेदारों को काम तेजी से कराने के लिए कहा है। (संवाद)
100 मीटर हिस्से में हो सका काम
उदी। बढ़पुरा ब्लॉक के उधनपुरा से भिंडियापुरा गांव तक सीसी सड़क का निर्माण होना है। करीब 500 मीटर सड़क के लिए 62 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। इसमें से 15 लाख रुपये अवमुक्त किए जा चुके हैं। इससे अभी तक सिर्फ 100 मीटर हिस्से में नालियों का निर्माण होने के साथ ही सड़क पर गिट्टियां पड़ सकी हैं। 30 सितंबर 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन बजट न मिलने से यह काम रुका पड़ा है। (संवाद)
बजट न मिलने की वजह से काम धीमी गति से हुए थे। अब बजट मिल गया है, जल्द ही कामों को तेजी से कराया जाएगा। - ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एई मार्शल कुमार