इटावा। रोडवेज विभाग के आरएम व्यवस्थाओं को परखने के लिए सवारी बनकर बस में सवार हुए तो हकीकत सामने आ गई। शासन के निर्देश के बाद भी चालक बिना वर्दी के मिला। दूसरे डिपो की बसों की हुई जांच में भी कई कमियां सामने आईं। आरएम ने संबंधित डिपो के एआरएम को रिपोर्ट भेजकर कमियां सप्ताह भर में दूर करने के निर्देश दिए हैं।
रोडवेज विभाग में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर शासन ने सख्ती की है और सभी अधिकारियों को 17 बिंदुओं पर जांच के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत इटावा रीजन के आरएम बीपी अग्रवाल बुधवार शाम करीब सात बजे शहर के डिपो से एक रोडवेज बस में सवार होकर निकले।
आरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि इटावा से साहिबाबाद डिपो की बस से सिरसागंज तक सफर करने पर चालक वर्दी में नहीं मिला। वापसी राठ डिपो की बस संख्या से की। इस बस में सवारी साइड की खिड़की का शीशा टूटा था। शीशे की जगह गत्ता लगा था। पूछताछ करने पर बताया कि दिल्ली जाते समय खिड़की का शीशा चटक गया था।
आरएम ने बताया कि बसों में खामियां मिलने की जानकारी संबंधित डिपो के एआरएम को देकर सप्ताह भर में कमियां दूर करने का निर्देश दिए गए ं साथ ही रोडवेज के पोर्टल पर पूरा ब्योरा दर्ज करा दिया है।
शीशे की जगह चादर का टुकड़ा लगा मिला
रोडवेज की बसों को चेक करने के दौरान बड़ी खामियां उजागर हो रही हैं। कहीं निगम का स्लोगन ही गायब मिला, कहीं शीशे टूटे, सीट फटी और हैंडल खराब मिले। आरएम ने बताया कि इटावा डिपो की बस को झांसी में चेक किया गया तो उसमें खिड़की के शीशे की जगह चादर का टुकड़ा मिला।
बेबर डिपो की बस की सीट फटी मिली, हैंडल भी खराब मिला। जबकि औरैया डिपो की बस में शीशा लगा नहीं मिला। फर्रुखाबाद डिपो में गोला डिपो की बस चेक की गई तो उसकी पेंटिंग खराब मिली। बस में काफी गंदगी थी। लापरवाही ऐसी कि अग्निशमन यंत्र तक नहीं लगा था। संबधित डिपो के एआरएम को अवगत करा दिया गया है। इटावा में हाथरस डिपो की बस चेक करने पर बड़ी लापरवाही मिली। बस पर उप्र परिवहन निगम का स्लोगन वाला स्टीकर तक नहीं था।