बकेवर । कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण अभियान रजिस्ट्रेशन की वजह से तेजी नहीं पकड़ रहा है। हालांकि शासन ने गांवों में जनसेवा केंद्रों पर भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी है। ग्रामीण इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
पहले बूथ पर स्वास्थ्य कर्मी ही रजिस्ट्रेशन करता था। तीन मई से लाभार्थी को पोर्टल पर स्वयं ही पंजीकरण कराने की व्यवस्था लागू की गई है। इसके बाद ही उनका टीकाकरण होगा। ग्रामीण इलाकों में तमाम लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। फोन हैं तो पोर्टल पर पंजीकरण करने की जानकारी नहीं है। अधिकांश ग्रामीणों का कहना है कि वह खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। यह तकनीकी प्रक्रिया उनकी समझ से बाहर है।
ग्राम बिजौली निवासी अनिल कुमार बताते है कि गांव में पचास फीसदी आबादी के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। ऐसे में वह रजिस्ट्रेशन कैसे करें। प्रशासन को कैंप लगवाना चाहिए। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के युवा अपना रजिस्ट्रेशन सहूलियत से करवा सकें।
कस्बा निवासी सुनील चौधरी बताते हैं कि कुछ लोगों के पास स्मार्टफोन हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि कौन सा पोर्टल है और उस पर कैसे रजिस्ट्रेशन करना है। इसलिए सरकार को चाहिए कि 45 से नीचे के लोगों को टीकाकरण के लिए घर-घर रजिस्ट्रेशन किया जाए।
जनता कालेज बकेवर के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सत्यव्रत मिश्रा कहते हैं कि सरकार को गांवों में रजिस्ट्रेशन करवाकर तारीख निश्चित कर वैक्सीनेशन कराना चाहिए। जिससे गांव के वे लोग जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है अथवा चला नहीं हैं, उन्हें सुविधा रहेगी।
बयान
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ संदीप कुमार बताते है कि शासन से टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर जो निर्देश मिले हैं, उसी के अनुसार टीकाकरण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में अधिक से अधिक टीकाकरण हो इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जनसेवा केंद्रों पर भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।